रसूलाबाद। नगर के विषधन रोड स्थित निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला सफाई कर्मी की हालत बिगड़ गई। परिजन महिला को सीएचसी ले गए। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से नाराज परिजन ने निजी अस्पताल में शव रखकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने नाराज परिजन को शांत करवाया है।
रसूलाबाद के सुभाष नगर वार्ड निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी सीमा (40) नगर पंचायत के सामुदायिक शौचालय में केयर टेकर के पद पर कार्यरत हैं। शुक्रवार सुबह पत्नी को सांस लेने में तकलीफ होने पर विषधन रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था। वहां अस्पताल के संचालक ने बेहतर इलाज देने का आश्वासन दिया और इलाज शुरू करने से पहले 20 हजार रुपये जमा करवा लिए। इसके बाद पत्नी को खून की कमी बताकर खून चढ़ाने के लिए पांच हजार रुपये और जमा करवाए। इस बीच जब उसका बेटा सूरज खाना लेने के लिए घर आया तभी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई।
अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें फोन कर जानकारी दी। इस पर बेटा अस्पताल पहुंचा तो उसे पत्नी बेड़ पर बेहोशी की हालत में मिली। अस्पताल प्रबंधन ने उसे बिना स्पष्ट जानकारी के पत्नी को ले जाने के लिए कहा। शंका होने पर बेटा पत्नी को सीएचसी ले गया। वहां डॉ. बृजेश ने पत्नी को मृत घोषित कर दिया। अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि पत्नी की जान अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से गई है। परिजन सीएचसी से शव लेकर निजी अस्पताल पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। भीड़ की नाराजगी देखते हुए अस्पताल के संचालक व कर्मचारी मौके से भाग निकले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने नाराज परिजन को शांत करवाया।
रसूलाबाद थानाध्यक्ष एसएन सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। परिजन ने शव का पोस्टमार्टम करवाने से इन्कार कर दिया है।
मामले में तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि जानकारी पर सीएचसी से डॉक्टर को जांच के लिए भेजा गया था। अस्पताल में कोई कर्मचारी नहीं मिले है। अस्पताल के प्रपत्र व बयान दर्ज कराने को लेकर अस्पताल के बाहर नोटिस चस्पा किया गया है। अनुकूल जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।