झींझक (कानपुर देहात)। मंगलपुर थाने में तैनात महिला कांस्टेबल ने किराए के मकान में शनिवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके साथ रहने वाली दूसरी कांस्टेबल की रविवार सुबह नींद खुली तो साथी का शव फंदे से लटका मिला। उसने उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी। मृतका मुजफ्फरनगर जिले की रहने वाली थी। घटना के बाद मौके पर पहुंचे एसपी, एएसपी ने जांच की। पोस्टमार्टम में मौत का कारण हैंगिंग आया है।
मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के शोरम गांव निवासी साक्षी बालियान (23) मंगलपुर थाने में बतौर कांस्टेबल तैनात थीं। साक्षी 14 मई 2019 को पुलिस में भर्ती हुई थीं। इसके बाद 19 दिसंबर 2019 को पहली तैनाती मंगलपुर में हुई। तब से वह यहीं तैनात है। वह मंगलपुर तिराहे के पास नरेंद्र सिंह के मकान में किराए पर कमरा लेकर रहती थी। बगल के कमरे में साथी कांस्टेबल सलोनी रहती है।
शनिवार को साक्षी शोभन मंदिर से ड्यूटी करके लौटी। इसके बाद थाने से कमरे पर चली गई। वहां खाना खाने के बाद वह मोबाइल देखने लगी जबकि सलोनी सो गई। सुबह सलोनी की नींद खुली तो साक्षी का शव बगल वाले कमरे में दुपट्टे के फंदे से लटका मिला। इस पर उसने तत्काल उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
मौके पर एसपी केशव कुमार चौधरी, एएसपी घनश्याम चौरसिया फ्रिंगर प्रिंट टीम के साथ पहुंचे। टीम ने मौके से साक्ष्य संकलित किए। एसपी ने उसके साथ रहने वाली दूसरी कांस्टेबल से घटना के बाबत जानकारी ली। पुलिस ने घटना की सूचना मुजफ्फरनगर में रहने वाले पिता चौधरी अमर पाल को दी, साथ ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम में मौत का कारण हैंगिंग आया है।
बेटी का शव देख फफक पड़े पिता
झींझक। महिला कांस्टेबल साक्षी बालियान के पिता चौधरी अमर पाल सिंह रविवार शाम मंगलपुर थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस कर्मियों से बात कर घटनाक्रम जाना। इसके बाद उस कमरे में गए जहां बेटी ने आत्महत्या की है। कमरे में बेटी का सामान देखकर वह फफक कर रो पड़े। इस बीच पोस्टमार्टम होने के बाद शव सिकंदरा पहुंचाया गया। मंगलपुर से कांस्टेबल के पिता को लेकर थाने की दरोगा नेहा व कांस्टेबल इरफान सिकंदरा पहुंचे।
वहां बेटी का शव देख वह बिखलने लगे। उन्हें पुलिस कर्मियों ने ढांढस बधाया। इसके बाद शव लेकर मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर शोरमपुर गांव के लिए रवाना हो गए। कांस्टेबल के पिता ने कहा कि वह बचपन से बहादुर थी।
उसके आत्महत्या करने पर विश्वास नहीं हो पा रहा है। वह घर के लोगों को हर परिस्थिति का सामना करने के लिए समझाती थी। एसएसआई मंगलपुर राजेश कुमार ने बताया कि कांस्टेबल का शव पुलिस बल के साथ पैतृक गांव भेजा गया है।
ड्यूटी के प्रति जिम्मेदार थी साक्षी
कानपुर देहात। स्वभाव से अच्छी व ड्यूटी के प्रति जिम्मेदार रहने वाली कांस्टेबल साक्षी बालियान की मौत के बाद उसके साथी सदमे में हैं। शनिवार को वह शोभन मंदिर में ड्यूटी के दौरान साथी पुलिस कर्मियों से हंसी मजाक करती रही। कमरे में साथ रहने वाली कांस्टेबल उसके इस कदम पर यकीन नहीं कर पा रही है।
आत्महत्या करने वाली कांस्टेबल साक्षी बालियान कभी किसी को दुखी नजर नहीं आई। वह ड्यूटी के लिए हमेशा उत्साहित रहती थी। साथ ही हंसी मजाक के माहौल में वह काम करना पसंद करती थी। उसकी अच्छी दोस्त कांस्टेबल सलोनी थी। वह बगल के कमरे में रहती थीं लेकिन एक ही साथ सोती थीं और साथ में खाना खाती थीं।
सलोनी ने कहा कि उसके स्वभाव से यकीन नहीं होता है कि उसने आत्महत्या कर ली है। उसके साथ मंगलपुर थाने में तैनात पूजा, कांता, सावित्री समेत पूरा स्टाफ दुखी नजर आया। हर कोई उसके स्वभाव की तारीफ करता रहा। उसके आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। उसने कभी किसी से अपनी कोई समस्या पर चर्चा भी नहीं की थी। (संवाद)
काश वह कुछ बता देती तो ऐसा नहीं होता
कानपुर देहात। साक्षी की मौत के बाद उसके साथ रहने वाली सलोनी का सबसे बुरा हाल है। वह कहती रही कि अगर उसे जरा भी इसका अंदाजा हो जाता तो वह पूरी रात जागती रहती। साथ रहने के बावजूद उसने कोई बात नहीं बताई। इतना बड़ा कदम उठा लिया।
उसे अफसोस है कि अपने साथी के अंदर चल रहे इस तरह के विचारों को वह भांप नहीं सकी। उसने ये भी कहा कि वह बहादुर कांस्टेबल थी। आत्महत्या की घटनाओं की निंदा करती थी फिर उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। ये समझ में नहीं आ रहा है।
आखिरी काल में मुरादाबाद में तैनात सिपाही से हुई थी बात
कानपुर देहात। पूरे दिन ड्यूटी करके साक्षी बलियान ने शनिवार की रात में आखिरी बार मुरादाबाद में तैनात एक सिपाही से फोन पर बात की थी। यह बात करीब 20 मिनट तक चली। मुरादाबाद में तैनात सिपाही साक्षी के मुजफ्फरनगर स्थित गांव के पास का रहने वाला है। पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में ये बात सामने आई है।
मुजफ्फरनगर के शाहपुर थाना क्षेत्र के शोरम गांव निवासी कांस्टेबल साक्षी बालियान ने अपनी पढ़ाई गृह जनपद में ही की। उसकी दोस्ती पड़ोस के गांव के एक युवक से थी। उसने साक्षी के साथ ही पढ़ाई की है। वह भी पुलिस में कांस्टेबल है। फिलहाल उसकी तैनाती मुरादाबाद में है। आखिरी बार रात में 11:30 बजे तक साक्षी की उससे करीब 20 मिनट बात हुई है।
इसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस अब ये जानने की कोशिश में लगी है कि आखिर ऐसा क्या हो गया जिससे साक्षी ने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। साक्षी अविवाहित थी। साक्षी की आत्महत्या की सूचना पर पहुंचे एसपी व एएसपी के सामने भी उसके मोबाइल पर एक कॉल आई।
संभवता ये काल मुरादाबाद में तैनात उसके साथी कांस्टेबल की थी। एसपी ने उसकी साथी महिला कांस्टेबल को बात करने के लिए बोला लेकिन इस बीच फोन कट गया। इस पर एसपी ने साक्षी का मोबाइल कब्जे में लेने के निर्देश दिए। पुलिस मोबाइल कब्जे में लेकर आत्महत्या की वजह तलाशने में जुटी है।
मंगलपुर थाने में तैनात महिला कांस्टेबल ने आत्महत्या कर ली है। इसकी वजह साफ नहीं हो सकी है। फिलहाल छानबीन की जा रही है। उसके परिजनों को मुजफ्फर नगर से बुलाया गया है। उनके आने के बाद स्थिति काफी स्पष्ट हो जाएगी। मृतक कांस्टेबल ड्यूटी के प्रति जिम्मेदार थी। - केशव कुमार चौधरी, एसपी