जाको राखे साइयां मार सके न कोय... कुछ ऐसा ही हुआ चकेरी के अहिरवां मोहल्ले की मालती देवी के साथ। पति की नशेबाजी से परेशान होकर शुक्रवार रात उसने जाजमऊ गंगापुल से नदी में छलांग लगा दी। दम घुटने पर वह किसी तरह हाथ-पैर मारकर 500 मीटर दूर गंगा के किनारे बाबा की बगिया पहुंची। यहां उसने मगरमच्छ देखा तो खुदकुशी का इरादा छोड़ जान बचाकर अमरूद के पेड़ पर चढ़ गई। रात भर पेड़ की डाल पर बैठी रही। सुबह लोग उधर से निकले तो उसे देख पुलिस को सूचना दी। बाद में परिजनों को बुलाकर मालती को उनके सुपुर्द किया।
चकेरी थाना क्षेत्र के अहिरवां मोहल्ला निवासी सुरेश गौड़ की पत्नी मालती देवी (32) ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि पति शराब के लती हैं जिससे वह परेशान परेशान रहती है। शुक्रवार को नशेबाजी को लेकर पति से झगड़ा हुआ। इससे नाराज होकर वह आत्महत्या करने के लिए जाजमऊ गंगापुल पहुंची। पुल से गंगा नदी में छलांग लगा दी। उसे थोड़ा बहुत तैरना आता है। अकुलाहट होने पर वह तैरने लगी और चंदन घाट के पास बाबा की बगिया में नदी के किनारे पहुंची।
तभी उसे पानी में मगरमच्छ जैसा जीव दिखा उसकी ओर आता दिखा। यह देखकर वह पास ही स्थित अमरूद के पेड़ पर चढ़ कर पूरी रात बैठी रही। सुबह शोर मचाने पर उधर से निकल रहे ग्रामीण आए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस चौकी प्रभारी विनय यादव ने बताया कि महिला काफी डरी सहमी थी। उसने गंगा नदी में मगरमच्छ जैसा बड़ा जीव होने की बात कही। वहां देखा गया तो कोई तो कोई जीव नहीं मिला। महिला को गंगाघाट कोतवाली लाया गया। उसके परिजनों को भी कोतवाली बुलाकर के सुपुर्द कर दिया गया है।