कानपुर। मां के घर छोड़कर चले जाने के बाद जिस पिता पर बेटी की परवरिश की जिम्मेदारी थी वही बेटी के साथ दुष्कर्म करता रहा। पीड़िता कोर्ट में बयान से मुकर गई लेकिन अपर जिला जज 20 पवन कुमार राय ने अन्य सबूतों और गवाहों के आधार पर दोषी पिता को उम्रकैद और दो लाख एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
रावतपुर के सहकार नगर में रहने वाली किशोरी की मां कई साल पहले घर छोड़ कर चली गई थी। इसके बाद पिता ही उसकी देखभाल करता था। इस दौरान पिता ने ही बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाना शुरू कर दिया। पिता की हरकतों से तंग आकर एक दिन बेटी ने मकान मालकिन को सारी घटना बता दी। तब मकान मालकिन किशोरी को लेकर रावतपुर थाने पहुंची और बेटी की तहरीर पर 23 अगस्त 2022 को पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पीड़िता ने एफआईआर में, पुलिस को दिए बयान में और मजिस्ट्रेट को दिए बयान में पिता द्वारा दुष्कर्म करने की बात कही थी लेकिन कोर्ट में बयान देते समय वह पलट गई थी और मकान मालकिन के कहने पर झूठी रिपोर्ट लिखाने की बात कही थी। वहीं, जब बुजुर्ग मकान मालकिन के कोर्ट में बयान दर्ज हुए तो उन्होंने सारी घटना कोर्ट को बताई थी और पिता द्वारा दुष्कर्म करते हुए खुद आंखों से देखने की बात भी कोर्ट में कही थी। अभियोजन की ओर से सात गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पिता को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। घटना के बाद से पिता जेल में ही बंद है।