पिता की दो दिन पहले अस्पताल से मिली छुट्टी, बेटी भी जल्द ही घर जाएगी
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आनंद ने तमाम कोशिशों के बाद आखिर अपनी लाडली बिटिया की जिंदगी बचा ली। बेटी स्वाति को अपनी किडनी देकर उन्होंने नई जिंदगी दी है। कानपुर के एक निजी अस्पताल में सफल ऑपरेशन के बाद शनिवार को स्वाति को आईसीयू से प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया गया।
शांति नगर निवासी 61 वर्षीय आनंद प्रकाश वाजपेयी की बेटी स्वाति (28) को टीबी न होने के बावजूद लापरवाही से हुए इलाज ने उसकी किडनी खराब कर दी थी। मां ने बेटी को गुर्दा देने की कोशिश की, पर उनका ब्लड ग्रुप दूसरा होने से यह संभव नहीं हुआ। डीएम की अध्यक्षता वाली गुर्दा प्रत्योरोपण कमेटी की अनुमति के बाद बीती 2 तारीख को स्वरूप नगर स्थित एक निजी अस्पताल में गुर्दा प्रत्यारोपण हुआ। डॉ. देशराज गुर्जर और डॉ. अनिल जैन ने आठ घंटे चले इस आपरेशन खओ पूरी तरह सफल बताया। पिता की दो दिन पहले अस्पताल से छुट्टी कर दी गई थी। बेटी की भी जल्द ही अस्पताल से छुट्टी हो जाएगी।