धर्मगुरुओं की हत्या की साजिश रचने का आरोप
इनका सरगना जनपद के राधानगर थाना क्षेत्र के अंदौली गांव निवासी मोहम्मद रजा को केरल से पकड़कर लखनऊ लाया गया था। इन पर हिंदुत्व की बात करने वाले धर्मगुरुओं की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। शुरुआती जांच में सरगना मोहम्मद रजा की ओर से मशवरा व्हाट्सअप ग्रुप चलाने की बात भी सामने आ चुकी है।
आरोपियों को आमने-समाने बैठाकर सवाल-जवाब
उसके इस ग्रुप से करीब 300 लोग जुड़े बताए जा रहे हैं। दो दिन पहले ही इन पांचों आरोपियों की सात दिन की रिमांड भी एटीएस को मिली है। सूत्रों के मुताबिक एटीएस ने रिमांड के दौरान जब पांचों आरोपियों को आमने-समाने बैठाकर सवाल-जवाब किए, तो कई सनसनीखेज बातें सामने आईं।
हिंदू समाज को डराना चाहता था
बताया जा रहा है कि मोहम्मद रजा और उसके साथियों ने दो हिंदू धर्मगुरुओं के नाम भी बताए हैं, जिनकी वे रेकी कर रहे थे। इंतजार सिर्फ ऊपर से ऑर्डर मिलने का था। इन हिंदू धर्मगुरुओं को नुकसान पहुंचाकर वह हिंदू समाज को डराना चाहता था।
सनातन बोर्ड के खिलाफ भर रहे थे नफरत का जहर
पूछताछ में इन आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सनातन बोर्ड के गठन की बात से बेहद नफरत करते थे। इसे वे अपनी कौम के लिए आने वाले वक्त का बड़ा खतरा मानते थे। व्हाट्सएप पर सक्रिय मशवरा ग्रुप में इसी बोर्ड के खिलाफ युवाओं को तैयार करने का टारगेट भी पूरा किया जा रहा था। उनके दिमाग में सनातन के खिलाफ जहर भरा जा रहा था।
धरपकड़ के लिए 10 जिलों में फैलाया जाएगा जाल
आरोपियों से पूछताछ में गिरोह के 40 मददगारों के भी नाम सामने आए हैं। माना जा रहा है कि ये मददगार यूपी के ही 10 जिलों में फैले हैं। इनकी धरपकड़ के लिए अब एटीएस भी जाल बिछाने की तैयारी में है। इसके लिए जिलों की सर्विलांस टीमों और खुफिया विभाग की मदद ली जाएगी। टीम कभी भी फतेहपुर भी आ सकती है।
आमने-सामने बैठाकर किए गए ये पांच सवाल
- शरिया कानून लागू करने के लिए पैसा कहां से आता था?
- जिहाद के लिए युवाओं को तैयार करने का हुक्म किसका था?
- सोशल मीडिया पर कट्टरपंथ फैलाने में कौन-कौन मददगार हैं?
- व्हाट्सएप ग्रुप के लोग हथियार कहां से जुटा रहे थे?
- कौम के युवाओं के दिमाग में नफरती जहर भरने के लिए जिहादी साहित्य कहां से छपवाते थे?