आम लोगों के बीच साधारण तरीके से ही रहते थे
बता दें कि हाल ही में यूपी एटीएस ने मो. रजा को केरल से गिरफ्तार किया है। अब कोर्ट ने उसकी सात दिन की रिमांड भी दे दी है। सूत्रों की मानें तो रजा की टीमें और उनके सदस्य एक-दूसरे को बिल्कुल भी नहीं जानते थे। उनकी सारी बातचीत कोड वर्ड से हुआ करती थी। यही वजह थी वह और उसके गुर्गे आसानी से आम लोगों के बीच साधारण तरीके से ही रहते थे।
13 टास्क और 300 वीडियो की बात का पता चला
सूबे में रजा का नेटवर्क फतेहपुर, लखनऊ और वाराणसी में भी माना जा रहा है। इन जिलों से अभी और भी गिरफ्तारी हो सकती हैं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती लेकिन, चर्चा है कि एटीएस दो दिन पहले जनपद आकर तीन लोगों से पूछताछ कर गई है। इसी के बाद एटीएस को 13 टास्क और 300 वीडियो की बात का पता चला है।
टीमों में शामिल लोगों का पता लगाने की कवायद
अब एटीएस तीन टीमों में शामिल लोगों का पता लगाने में जुटी है। दूसरी ओर, रजा के परिवार वाले अभी भी मानने को तैयार नहीं हैं कि वह आतंकी भी हो सकता है। अंदौली गांव में भी रजा के बारे में अगर कोई अच्छा नहीं तो उसे बुरा भी नहीं कह रहा है।
आरोपियों का होगा आमन-सामना
सूत्रों का कहना है कि रिमांड के दौरान पकड़े गए पांचों आरोपियों का आमना-सामना भी कराया जा सकता है। इससे उनकी आर्मी के कई और राज खुल सकते हैं। इसके अलावा रजा के मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट और उसके बैंक खाते भी देखे जाएंगे।