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UP: 16 अगस्त को लेकर अलर्ट... पहले की बड़ी चूक, अब स्कूल जाने तक पर पाबंदी; मकबरा मुद्दे पर राजनीति गरमाई

Thu, 14 Aug 2025 04:07 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, फतेहपुर

सार

मकबरा मुद्दे पर राजनीति गरमाई हुआ है। सपा और कांग्रेस के नेताओं ने जनपद की ओर रुख किया है। वहीं भाजपा के नेताओं की हलचल भी बढ़ी है।
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फतेहपुर में मंदिर-मकबरा विवाद - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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फतेहपुर में आबूनगर रेड्डया मकबरा मुद्दा ने राजनीतिक रंग ले लिया है। इसकी धमक लोकसभा से लेकर विधानसभा तक उठी है। इससे मुद्दा गरमा गया है। ऐसे में राजनेताओं के लिए फतेहपुर आने की चाहत बढ़ती जा रही है। सपा और कांग्रेस के कई नेताओं ने जनपद का रुख किया है। वहीं भाजपा के नेताओं की हलचल भी बढ़ी है।
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11 अगस्त को मकबरे के मामले को लेकर 12 अगस्त को लोकसभा में सपा सांसद नरेश उत्तम पटेल समेत अन्य सांसदों ने विरोध दर्ज किया। वहीं विधानसभा में मुद्दा पूरी तरह छाया रहा। 12 अगस्त को ही सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुमैया राना भी मकबरा स्थल तक पहुंच गई और उन्होंने सरकार व प्रशासन पर आरोप लगाए। 

उसके बाद 13 अगस्त को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आनन-फानन में एक जांच टीम बनाई और उसे मौके स्थल पर जाने का निर्देश दिए। इसमें कानपुर, औरैया समेत अन्य जिलों के कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को शामिल किया गया। वे लगातार फतेहपुर तक पहुंचने का प्रयास करते रहे। नेताओं को जनपद के थानों में बैठाया गया। शाम को छोड़ा गया। 
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वहीं, सपा और कांग्रेस के नेता लगातार जिले के नेताओं के संपर्क में हैं। वे हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं और अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं। विरोधी दलों की हलचल और तेजी को देखते हुए भी भाजपा के पदाधिकारियों की भी सक्रियता बढ़ी है। उनकी गाड़ियां लगातार सड़कों पर दौड़ रही हैं। बैठकों का दौर शुरू है। वे हर गतिविधियों का जवाब देने की तैयारी की योजना बना रहे हैं।

सोशल मीडिया में सपा मुखिया से बयानबाजी
मकबरा मामले को लेकर सोशल मीडिया में तेजी से सूचनाएं वायरल हो रही हैं। एक पोस्ट में सपा मुखिया अखिलेश यादव और भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने एक-दूसरे पर कटाक्ष किए हैं।
 

पहले की बड़ी चूक, अब स्कूल जाने तक पर पाबंदी
मकबरे के मामले में जिला व पुलिस प्रशासन को हिंदू संगठनों ने चार दिन पहले ही सजग किया था। इसके बाद भी पुलिस प्रशासन ने मकबरा स्थल की सुरक्षा में सजगता नहीं दिखाई। हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मकबरे तक पहुंच गए और तोड़फोड़ कर दी। इस घटना के बाद अब ऐसा पहरा लगा दिया गया है कि वहां के स्कूली छात्रों को घर तक जाने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। लोगों के घरों तक दूध भी नहीं पहुंच पा रहा है। यहां रह रहे 40 परिवारों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।

 

आबूनगर से मकबरे जाने वाले मार्ग पर दो जगह बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस बल तैनात किया गया गया है। पहली बैरिकेडिंग जीटी रोड पर लगाई गई है। यहां से दो पहिया व पैदल जाने वालों को रियायत दे दी जाती है। इसके आगे करीब 300 मीटर पर नई बस्ती के रास्ते में बैरिकेडिंग करके पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई हैं। इसके आगे किसी को भी जाने की अनुमति नहीं दी गई है। 

 

एक पैदल यात्री को भी जाने नहीं दिया गया। इससे बस्ती के निवासरत परिवारों की दिनचर्या पर असर पड़ा। वे डरे-सहमे घरों में ही दुबके रहे। कई लोग घरों से बाहर काम के लिए गए, तो घर पहुंचने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। वे परेशान हो गए। यहां लोग कुछ भी बोलने से बचते नजर आए।

हर तरफ पहरा
जीटी रोड से मकबरा जाने के सभी रास्तों पर पहरा बैठाया गया। जिला आबकारी के बगले के रास्ते, जीआईसी के रास्ते, डीआईओएस कार्यालय के आगे, रज्जन गेस्ट हाउस के सामने से, पंचमुखी हनुमान मंदिर, डाक बंगले के बगल के रास्ते समेत में मुख्य रोड से शुरू करके गलियों के अंदर तक पुलिस बल की मौजूदगी के साथ बैरिकेड्स लगाए गए। हालात ये हुए कि एक व्यक्ति को भी गलियों के अंतिम बैरिकेड के आगे जाने नहीं दिया गया। यहां से मकबरा की दूरी करीब 400 मीटर रही।
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16 अगस्त को लेकर अलर्ट
चर्चाओं में है कि 16 अगस्त को जन्माष्टमी के दिन हिंदूवादी संगठन ने दोबारा विवादित स्थल पर पूजा पाठ करने का एलान किया है। वहीं, दूसरी तरफ 15 अगस्त को लेकर भी कई तरह की तैयारियां है। इन्हें देखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन अब कोई चूक नहीं चाहता है। इसे लेकर अब पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है।
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