मलवां थाना क्षेत्र के सौरा गांव के पास स्थित एक कमर्शियल वाहनों के यार्ड (बाड़े) में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि यार्ड में खड़े करीब 10 से 12 भारी ट्रक इसकी चपेट में आ गए और देखते ही देखते आग का गोला बन गए। हाईवे किनारे ट्रकों से उठती आसमान छूती लपटों और धुएं के गुबार को देखकर पूरे इलाके में अफरा-तफरी और भारी हड़कंप मच गया।
दोपहर में भड़की आग, एक के बाद एक 12 ट्रकों को निगला
सौरा गांव के पास स्थित इस यार्ड में बड़ी संख्या में भारी वाहन और ट्रक खड़े किए जाते हैं। मंगलवार को यार्ड के एक हिस्से से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। चूंकि गाड़ियां पास-पास खड़ी थीं और तेज हवाएं चल रही थीं, इसलिए आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। एक ट्रक से शुरू हुई आग ने देखते ही देखते कतार में खड़े 10 से 12 ट्रकों को अपनी आगोश में ले लिया। ट्रकों के टायर फटने की आवाजों से पूरा इलाका दहल उठा।
पुलिस और दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा, सब कुछ जलकर खाक
हादसे का खौफनाक मंजर देखकर स्थानीय राहगीरों और ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम और दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही मलवां थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल मोर्चा संभालते हुए राहत व बचाव कार्य शुरू कराया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी अमले के साथ मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने कई घंटों की भारी मशक्कत और पानी की तेज बौछारों के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। यार्ड में खड़े सभी 12 ट्रक पूरी तरह जलकर लोहे के कंकाल में तब्दील हो चुके थे।
लाखों के नुकसान की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस भीषण अग्निकांड में किसी जनहानि (जान के नुकसान) की खबर नहीं है, जो कि एक बड़ी राहत की बात है। हालांकि, 12 कीमती ट्रकों के जलने से मालिकों को लाखों-करोड़ों रुपये के भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग लगने के सटीक कारणों (शॉर्ट सर्किट या किसी की लापरवाही) का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस और दमकल विभाग की तकनीकी टीम यार्ड के संचालकों से पूछताछ कर रही है और मामले की बारीकी से जांच में जुट गई है।