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दोनों आठ माह तक खूब मिले
सिर्फ एक बार ही विजय और किरन की नजरें मिली थीं। इसके बाद दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया। पति के गुजरात में होने पर दोनों आठ माह तक खूब मिले। साथ जीने मरने की कसमें खाईं और अलग दुनिया बसाने की भी सोचने लगे। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुई पत्नी की फोटो पति के पास पहुंच गई।
पत्नी को जमकर खरीखोटी सुनाई
इस पर पति घर आया और पत्नी को जमकर खरीखोटी सुनाई। इस तकरार के बाद पत्नी का प्रेम पति से उमड़ पड़ा और उसने प्रेमी विजय को घर बुलाया। यहां पति के साथ मिलकर उसे ग्राइंडर मशीन से काट डाला। इसके बाद शव के टुकड़ों को बोरे में भरकर पेट्रोल डालकर जंगल में आग लगा दी।
10 मई को गुमशुदगी दर्ज की गई
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने सोमवार को पुलिस लाइन में खुलासा करते हुए बताया कि बकेवर थाना क्षेत्र के टिकरा गांव निवासी विजय निषाद (20) पुत्र इंद्रपाल आठ मई को घर से हमीरपुर जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद से वह लापता हो गया। 10 मई को परिजन की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज की गई थी।
प्रेम-प्रसंग की बात पर विवाद बढ़ गया
जांच में हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के मनकी गांव निवासी कामता निषाद और पत्नी किरन पर संदेह हुआ। पूछताछ में सामने आया कि किरन और विजय के बीच करीब आठ माह से प्रेम-प्रसंग था। पति को जानकारी होने पर वह गुजरात से नौकरी छोड़कर गांव लौट आया। पति-पत्नी के बीच प्रेम-प्रसंग की बात पर विवाद बढ़ गया।
शव को घर में छिपाकर रखा
इसके बाद दोनों ने मिलकर विजय की हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार आठ मई को किरन ने फोन कर विजय को घर बुलाया। यहां पहले से मौजूद पति कामता ने लकड़ी के चौखट से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। शव को घर में छिपाकर रखा गया।
ग्राइंडर मशीन से हाथ-पैर घर में ही काटे
देर रात शव को ठिकाने लगाने के लिए बोरे में भरा गया, लेकिन गर्मी अधिक होने के कारण हाथ-पैर अकड़ गए। इसके बाद दंपती बाजार से ग्राइंडर मशीन खरीदकर लाए और हाथ-पैर घर में ही काटे। शव को कानपुर क्षेत्र के रेउना थाना क्षेत्र के तहरापुर गुरैया जंगल में ले जाकर पेट्रोल डालकर जला दिया गया।
कॉल डिटेल से आरोपियों को गिरफ्तार किया
आरोपियों ने विजय का मोबाइल, पैनकार्ड, एटीएम कार्ड, जूते और चश्मा भी नष्ट कर खेतों में छिपा दिया था। पुलिस ने कॉल डिटेल और अंतिम लोकेशन की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। एसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
यूट्यूब देखकर रची कत्ल की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दंपती ने हत्या की साजिश यूट्यूब देखकर रची थी। पूछताछ में दोनों ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने इंटरनेट और यूट्यूब के जरिये हत्या के बाद सबूत मिटाने के तरीके, पकड़े जाने पर लगने वाली धाराओं, उनसे बचने के उपाय, सजा की अवधि और जेल में मिलने वाली सुविधाओं तक की जानकारी सर्च की थी।
पत्नी की तस्वीर देख खौल गया था पति का खून
आरोपी महिला ने पुलिस को बताया कि विजय की उसके पड़ोसी के यहां रिश्तेदारी थी। इसके चलते उसका गांव आना-जाना था और इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग हो गया। विजय बार-बार उसके मोबाइल पर फोन करता था। इससे पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा।
नौकरी छोड़कर गांव लौटने के बाद विवाद बढ़ा
महिला ने बताया कि परेशान होकर उसने पति के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। महिला का आरोप है कि विजय ने कुछ महीने पहले किसी तीसरे के शक में उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी थीं। यह तस्वीर सोशल मीडिया के जरिये गुजरात में रह रहे उसके पति तक पहुंच गई थीं। इसके बाद पति ने नौकरी छोड़कर गांव लौटने के बाद विवाद बढ़ गया।
हत्या में और लोगों के शामिल होने का आरोप
विजय निषाद के परिजन ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि हत्या में केवल दंपती ही नहीं बल्कि अन्य लोग भी शामिल हैं। परिजन का कहना है कि गांव के लोगों ने विजय को कई लोगों द्वारा पीटे जाने की बात बताई थी। उनका यह भी आरोप है कि आरोपी महिला गर्भवती है और पति के पैर में रॉड लगी है। ऐसे में दोनों अकेले पूरी घटना को अंजाम नहीं दे सकते।
फोन काटने पर पुलिस को हुआ शक
गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने विजय का फोन ट्रेस किया, जिसकी लोकेशन बार-बार बदल रही थी। कॉल डिटेल में किरन और विजय के बीच कई बार बातचीत सामने आई। जब पुलिस ने किरन को फोन किया, तो वह घबरा गई और कॉल काट दिया। इसके बाद पुलिस ने शक के आधार पर दंपती को गिरफ्तार कर लिया।
हत्यारोपी दंपती के पास ये किया बरामद
दोनों की निशानदेही पर शव के अवशेष, घटना में प्रयुक्त बाइक, मोबाइल, ग्राइंडर मशीन और लकड़ी का चौखट बरामद किया गया है।
जांच में सामने आया है कि विजय का किरन देवी से प्रेम-प्रसंग था। इसे लेकर पति कामता प्रसाद निषाद उससे रंजिश रखता था। आठ मई को किरन ने विजय को घर बुलाया। यहां पहले से मौजूद कामता प्रसाद ने लकड़ी के चौखट से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद ग्राइंडर मशीन से हाथ-पैर काटकर शव को बोरे में भरकर पेट्रोल डालकर जंगल में जला दिया था। -अभिमन्यु मांगलिक, एसपी