भाजपा समर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष निवेदिता सिंह की कुर्सी डगमगाने लगी है। सोमवार को उनके खिलाफ 46 में से 27 जिला पंचायत सदस्यों ने डीएम को अविश्वास प्रस्ताव का हलफनामा सौंपा। प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद किसी भाजपा समर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का यह पहला मामला होने की संभावना है। इससे फतेहपुर से लेकर लखनऊ तक की सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों का नेतृत्व मोहम्मदपुर गौंती वार्ड की सदस्य सर्वेश देवी कर रहीं हैं।
सात जनवरी 2016 को हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा समर्थित डा. निवेदिता सिंह ने सपा के वरिष्ठ नेता जगनायक सिंह यादव की पत्नी किरन देवी को 10 वोटों से पराजित किया था। कुल 46 वोटों में दो वोट अवैध हुए थे। डा. निवेदिता को 27 तथा किरन देवी को 17 वोट मिले थे। प्रदेश में भाजपा के सत्तासीन होने के बाद सभी जिलों में ज्यादातर सपा समर्थित ब्लाक प्रमुखों एवं जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जा रहे हैं, लेकिन फतेहपुर का मामला इससे इतर है।
भाजपा के शासन में भाजपा समर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ ही सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव संबंधित हलफनामा दिया गया। सोमवार को जिला पंचायत सदस्य सर्वेश देवी के पति गिरजेश सिंह की अगुवाई में 27 जिला पंचायत सदस्यों ने डीएम के समक्ष उपस्थिति होकर शपथपत्र दिया। इसमें कई गंभीर आरोप भी लगाए। इस संबंध में जिलाधिकारी मदन पाल आर्य का कहना है कि वह शपथ पत्र का परीक्षण कराएंगे। जरूरत पड़ी तो परेड व वोटिंग भी कराई जाएगी।
-डगमगाने लगी फतेहपुर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी
-भाजपा समर्थित निवेदिता सिंह है जिला पंचायत की अध्यक्ष
- 27 सदस्यों ने दिया अविश्वास प्रस्ताव संबंधी हलफनामा, डीएम कराएंगे परीक्षण