जानलेवा हमले के मामले में अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक शैली रॉय ने मंगलवार को दो भाइयों रामबहादुर व राजकुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी पर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर दोषियों को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। तीसरे के नाबालिग होने से स्कूल से रिकॉर्ड तलब किया गया है।
थाना नवाबगंज क्षेत्र के गांव बबुरारा निवासी प्रमोद कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि वह 28 अगस्त 2007 की शाम छह बजे खेत से घर जा रहा था। इसी दौरान आरोपी रामबहादुर, राजकुमार, राजकुमार का पुत्र और रामप्रकाश ने उसे रास्ते में रोक लिया। आरोपियों ने लाठी-डंडों से उस पर हमला कर घायल कर दिया।
पीड़ित ने आरोप लगाया था कि सभी आरोपी चाची रामबिटोली की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। उसका विरोध करने पर उस पर जानलेवा हमला किया। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। अदालत ने साक्ष्यों, चिकित्सीय रिपोर्ट व प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही के आधार पर सभी आरोपियों को 29 नवंबर को दोषी करार दिया था। वहीं, रामबहादुर व राजकुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
सुनवाई के दौरान रामप्रकाश की मृत्यु हो गई थी। वहीं राजकुमार के पुत्र के अवयस्क होने की बात बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कही। इस पर न्यायाधीश ने उसे अवयस्क साबित करने के लिए प्राथमिक विद्यालय बबुरारा के प्रधानाध्यापक को नोटिस देकर 25 दिसंबर को बुलाया है। उन्हें एसआर रजिस्टर, प्रवेश फार्म और टीसी रजिस्टर लेकर कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद अभियुक्त के अवयस्क होने की सुनवाई होने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।