दुष्कर्म का फर्जी मुकदमा दर्ज कराना वादिनी पर ही भारी पड़ गया। कोर्ट को गुमराह करने पर कोर्ट ने वादिनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। आरोपी युवक के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उसे दोष मुक्त कर दिया है। शहर कोतवाली क्षेत्र निवासिनी महिला ने 16 वर्षीय पुत्री का अपहरण कर दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि मोहल्ला सुतहट्टी निवासी असलम का उसके घर आना जाना था। 23 अगस्त 2016 को असलम उसकी 16 वर्षीय पुत्री को बहलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की।
मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राकेश कुमार सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। आरोपी के खिलाफ कोई साक्ष्य न मिलने पर 50 हजार रुपये के दो बंध पत्र पर जमानत देते हुए दोष मुक्त कर दिया है। जबकि मुकदमे की वादिनी द्वारा फर्जी मुकदमा दर्ज कराने पर नाराजगी जाहिर करते हुए वादिनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर 30 दिन अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।