परिजनों ने फोन पर दी जानकारी
सातनपुर मंडी सचिव ने एक मई को महेंद्र सिंह के नाम पर शुल्क बकाया में 69 लाख 11 हजार 910 रुपये का नोटिस भेजा। कहा कि धनराशि जमा न होने पर आरसी जारी कर 1.5 प्रतिशत प्रति माह ब्याज की दर से वसूली की जाएगी। परिजन ने महेंद्र सिंह को फोन पर इसकी जानकारी दी।
जिलाधिकारी से न्याय की गुहार
वह हिमाचल प्रदेश से घर पहुंचे। मंगलवार को वह गांव के प्रधान अनिल कुमार के साथ सातनपुर मंडी गए और सचिव से लाइसेंस के कागज निकलवाने के लिए कहा। पूरे दिन परेशान रहने के बावजूद उन्हें कोई कागज नहीं मिला। परेशान महेंद्र सिंह कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाने गए।
आत्महत्या करने के लिए मजबूर
न्याय न मिलने पर आत्मदाह करने के लिए पेट्रोल भी लेकर गए थे। हालांकि सुरक्षा कर्मी व एलआईयू वाले सतर्क हो गए। उन्होंने महेंद्र सिंह से जानकारी की तो उसने बताया कि वह मजदूरी करता है। यदि सुनवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर होगा।
सिटी मजिस्ट्रेट बोलीं- जांच कराई जाएगी
साथ गए प्रधान ने कहा कि जब लाइसेंस बना तो फर्म का बैंक एकाउंट भी खुला होगा। पूरी पत्रावली की जांच हो, तो मामले का खुलासा हो सकता है। एलआईयू कर्मी महेंद्र सिंह को मंडी सभापति सिटी मजिस्ट्रेट के पास ले गए। सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने बताया कि जांच कराई जाएगी।
तीसरा नोटिस जारी किया है
मंडी सचिव अनूप कुमार सिंह ने बताया कि पोर्टल पर 2022-23 से पहले के अंजली ट्रेडर्स के नाम पर 69.11 लाख का बकाया दिख रहा था। उन्होंने यह तीसरा नोटिस जारी किया है। यदि लाइसेंस फर्जी बनाया गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। पुष्टि होने पर लाइसेंस बनाने वाले कर्मचारी व अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई कराई जाएगी।