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कानपुर किडनी कांड: 1000 पन्नों की चार्जशीट में खुला खेल; 12वीं पास रोहित निकला मास्टरमाइंड, 14 पर कसा शिकंजा

Wed, 01 Jul 2026 10:05 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Illegal Kidney Transplant: कानपुर के चर्चित किडनी रैकेट मामले में पुलिस ने 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें डॉक्टर दंपती समेत 14 आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध की धाराएं लगाई गई हैं। इस रैकेट का मास्टरमाइंड 12वीं पास रोहित तिवारी को बनाया गया है और मामले में 36 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं।
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kanpur kidney scam - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर शहर के बहुचर्चित किडनी कांड में पुलिस ने चार्जशीट लगा दी है। करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट में छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज, आरोपियों के बीच हुई चैट, कॉल डिटेल रिपोर्ट, होटल में ठहरने की फुटेज और किडनी डोनर व रिसीवर समेत 36 गवाहों के बयान शामिल हैं। गिरोह का मुखिया लखनऊ के 12वीं पास रोहित उर्फ राहुल तिवारी को बनाया है।

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आहूजा अस्पताल के डॉक्टर दंपति समेत अन्य को सदस्य के तौर पर पेश किया है। पुलिस ने संगठित अपराध की धारा भी बढ़ाई है। मसवानपुर चौराहा स्थित आहूजा अस्पताल में 29 मार्च को पुलिस ने छापा मारकर किडनी रैकेट का भंडाफोड़ किया था। बेगुसराय के आयुष की किडनी मुजफ्फरनगर की पारुल तोमर को ट्रांसप्लांट की गई थी।  31 मार्च को दरोगा मुकेश कुमार ने वादी बनकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

kanpur kidney scam - फोटो : amar ujala




इन पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट

इनमें आहूजा अस्पताल के मालिक डॉ. सुरजीत आहूजा, आईएमए की उपाध्यक्ष उसकी पत्नी डॉ. प्रीति आहूजा, एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल, मेडलाइफ अस्पताल संचालक राम प्रकाश कुशवाहा, प्रिया अस्पताल के मालिक मूसानगर निवासी नरेंद्र सिंह, गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी रोहित उसके सहयोगी वैभव मुदग्गल, डॉ. अनुराग और पारुल को लाने वाले मेरठ के डॉक्टर अफजल व पांच अज्ञात शामिल थे।

kanpur kidney scam - फोटो : amar ujala
जेल गए आरोपियों के खिलाफ ही आरोप पत्र
डीसीपी वेस्ट के मुताबिक किडनी कांड में 19 आरोपी हैं। हालांकि सुरजीत, प्रीति, शिवम अग्रवाल, राजेश कुमार, राम प्रकाश, नरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह राघव, राजेश कुमार तोमर, परवेज सैफी, मुदस्सर अली, साहिल, परवेज सेती, बिलग्राम निवासी रोहित, नवीन पांडेय को जेल भेजा गया था, अभी इन्हीं के खिलाफ आरोप तय हुए हैं। लखनऊ के डॉ. सैफुद्दीन, डाॅ कैफ, डाॅ. अखिलेश तिवारी और हरदोई के डॉ. रोहित के नाम आए। फरार चल रहे 5-6 लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं।

kanpur kidney scam - फोटो : amar ujala
12वीं पास बन गया किडनी रैकेट का सरगना
पुलिस के मुताबिक लखनऊ का रोहित ही किडनी कांड का सरगना है। ट्रांसप्लांट रैकेट बेहद शातिर तरीके से चलाता था। पकड़े गए अन्य डॉक्टर उसी के लिए काम करते थे। वह ट्रांसप्लांट से पहले नया नंबर लेता था। ऑपरेशन के बाद उसे बंद कर देता था।

kanpur kidney scam - फोटो : amar ujala
आयुष की गवाही अहम, बना मुख्य गवाह
पुलिस ने तमाम साक्ष्यों को पेश करने के साथ जो गवाह पेश किए हैं, उसमें आयुष अहम है। डीसीपी वेस्ट के मुताबिक, आयुष पुलिस को आहूजा अस्पताल में मिला था। उसकी किडनी ट्रांसप्लांट हुई है। मेडिकल रिपोर्ट पुलिस के पास हैं, वह चाह कर भी कोर्ट में अपने बयान हीं बदल सकता। उसे मुख्य गवाह बनाया है।

kanpur kidney scam - फोटो : अमर उजाला
50 हजार के विवाद ने कराया भंडाफोड़
किडनी तस्करी और ट्रांसप्लांट का व्यापार फल फूल रहा था। इसकी पुलिस को खबर तक नहीं थी, लेकिन 50 हजार के विवाद ने खेल का भंडाफोड़ करा दिया। दरअसल आहूजा अस्पताल में पारुल को किडनी देने के लिए आयुष को 10 लाख देने की बात कही गई थी, उसे 9.50 लाख रुपये दे दिए गए। 50 हजार रुपये नहीं मिले। जब उसने रुपये मांगे तो आनाकानी होने लगी। उसने पुलिस से शिकायत की थी। यहीं से पूरे गिरोह का खुलासा हो गया था।
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kanpur kidney scam - फोटो : amar ujala
साउथ अफ्रीका की महिला का हुआ था ऑपरेशन
पुलिस जांच में सामने आया था कि साउथ अफ्रीका की अरेबिका का आहूजा अस्पताल में दिसंबर 2025 में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था, जिसे बाद में कार से दिल्ली भेज दिया गया था, वहां उसकी मौत हो गई थी। 
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