इन पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
इनमें आहूजा अस्पताल के मालिक डॉ. सुरजीत आहूजा, आईएमए की उपाध्यक्ष उसकी पत्नी डॉ. प्रीति आहूजा, एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल, मेडलाइफ अस्पताल संचालक राम प्रकाश कुशवाहा, प्रिया अस्पताल के मालिक मूसानगर निवासी नरेंद्र सिंह, गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी रोहित उसके सहयोगी वैभव मुदग्गल, डॉ. अनुराग और पारुल को लाने वाले मेरठ के डॉक्टर अफजल व पांच अज्ञात शामिल थे।
जेल गए आरोपियों के खिलाफ ही आरोप पत्र
डीसीपी वेस्ट के मुताबिक किडनी कांड में 19 आरोपी हैं। हालांकि सुरजीत, प्रीति, शिवम अग्रवाल, राजेश कुमार, राम प्रकाश, नरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह राघव, राजेश कुमार तोमर, परवेज सैफी, मुदस्सर अली, साहिल, परवेज सेती, बिलग्राम निवासी रोहित, नवीन पांडेय को जेल भेजा गया था, अभी इन्हीं के खिलाफ आरोप तय हुए हैं। लखनऊ के डॉ. सैफुद्दीन, डाॅ कैफ, डाॅ. अखिलेश तिवारी और हरदोई के डॉ. रोहित के नाम आए। फरार चल रहे 5-6 लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं।
12वीं पास बन गया किडनी रैकेट का सरगना
पुलिस के मुताबिक लखनऊ का रोहित ही किडनी कांड का सरगना है। ट्रांसप्लांट रैकेट बेहद शातिर तरीके से चलाता था। पकड़े गए अन्य डॉक्टर उसी के लिए काम करते थे। वह ट्रांसप्लांट से पहले नया नंबर लेता था। ऑपरेशन के बाद उसे बंद कर देता था।
आयुष की गवाही अहम, बना मुख्य गवाह
पुलिस ने तमाम साक्ष्यों को पेश करने के साथ जो गवाह पेश किए हैं, उसमें आयुष अहम है। डीसीपी वेस्ट के मुताबिक, आयुष पुलिस को आहूजा अस्पताल में मिला था। उसकी किडनी ट्रांसप्लांट हुई है। मेडिकल रिपोर्ट पुलिस के पास हैं, वह चाह कर भी कोर्ट में अपने बयान हीं बदल सकता। उसे मुख्य गवाह बनाया है।
50 हजार के विवाद ने कराया भंडाफोड़
किडनी तस्करी और ट्रांसप्लांट का व्यापार फल फूल रहा था। इसकी पुलिस को खबर तक नहीं थी, लेकिन 50 हजार के विवाद ने खेल का भंडाफोड़ करा दिया। दरअसल आहूजा अस्पताल में पारुल को किडनी देने के लिए आयुष को 10 लाख देने की बात कही गई थी, उसे 9.50 लाख रुपये दे दिए गए। 50 हजार रुपये नहीं मिले। जब उसने रुपये मांगे तो आनाकानी होने लगी। उसने पुलिस से शिकायत की थी। यहीं से पूरे गिरोह का खुलासा हो गया था।
साउथ अफ्रीका की महिला का हुआ था ऑपरेशन
पुलिस जांच में सामने आया था कि साउथ अफ्रीका की अरेबिका का आहूजा अस्पताल में दिसंबर 2025 में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था, जिसे बाद में कार से दिल्ली भेज दिया गया था, वहां उसकी मौत हो गई थी।