पिता के हाथ से छूटे बच्चे बाढ़ की धार में बहे, ग्रामीणों ने बचाया
जाको राखे साइयां, मार सके न कोय... यह कहावत उस वक्त सच साबित हुई जब एक पिता के हाथ से छूटे दो मासूम बच्चे बाढ़ की तेज धार में बहने लगे, लेकिन ग्रामीणों की बहादुरी ने उन्हें काल के मुंह से खींच निकाला। तहसील क्षेत्र के गांव पट्टी बदनपुर चारों ओर से बाढ़ से घिरा हुआ है। ग्रामीणों ने मजबूरी में एनएच-730सी हाईवे के किनारे शरण ली हुई है। गांव में प्रशासन की ओर से अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं की गई है।
बृहस्पतिवार को हीरालाल अपने छह वर्षीय बेटे अनमोल और आठ वर्षीय बेटी पारी को हाथ पकड़कर गांव से सड़क की ओर ला रहे थे। गांव के बाहर मंदिर के पास तेज बहाव वाली धारा को पार करते समय हीरालाल के हाथ से बच्चे छूट गए और बाढ़ की धार में बहने लगे। अचानक हुई इस घटना से हीरालाल चीख पड़े और कुछ देर के लिए बेसुध हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत तेज बहाव में कूदकर दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्चों को जीवित और सुरक्षित देख पिता की जान में जान आई। ग्रामीणों की सतर्कता और साहस के चलते एक बड़ा हादसा बच गया। एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि गांव में जल्द ही नाव की व्यवस्था की जाएगी। जो लोग हाईवे किनारे रह रहे हैं, उन्हें बाढ़ शरणालय में स्थानांतरित किया जाएगा।