गंगा के तेज बहाव में बाइक सवार तीन युवक बह गए। किनारे खड़े ग्रामीणों ने तुरंत पानी में कूदकर तीनों को सकुशल बाहर निकाल लिया। प्रशासन की ओर से चेतावनी और बैरिकेडिंग लगाने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर बाढ़ग्रस्त रास्तों से गुजर रहे हैं।
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शाहजहांपुर के गांव गुनारा निवासी इलियास, अपने साथी नाजेश और नसरुद्दीन के साथ बुधवार को कंपिल-बदायूं मार्ग से जा रहे थे। गांव राईपुर चिनहटपुर के पास पुलिया पार करते समय तेज बहाव में बाइक समेत तीनों बह गए। इलियास ने किसी तरह किनारे पर लगी रस्सी पकड़ ली, जिससे तीनों को बचाया जा सका। हालांकि, इनका मोबाइल, बाइक और जेब में पड़े 3,300 रुपये पानी में बह गए। पुलिस ने युवकों को घर भेज दिया। इलियास ने बताया कि रास्ते में कहीं पुलिस तैनात नहीं दिखी, इसलिए वे पुलिया पार करने लगे।
ग्रामीणों ने बताया कि दो होमगार्ड तैनात हैं, जिन्होंने मना भी किया था, लेकिन युवक नहीं माने। कई लोग खाद्य सामग्री लाने का बहाना बनाकर प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। थाना प्रभारी विश्वनाथ आर्या ने कहा कि कंपिल-बदायूं मार्ग पूरी तरह बंद है, लेकिन लोग बार-बार चेतावनी के बावजूद आवागमन कर रहे हैं।
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राजेपुर उपकेंद्र में बिजली उपकरणों के आसपास भरा बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
355 गांवों में अंधेरा, बाढ़ से उपकेंद्र जलमग्न
गंगा और रामगंगा नदियों की विकराल बाढ़ का असर अब ग्रामीणों के जनजीवन पर भी पड़ने लगा है। अमृतपुर और कायमगंज तहसील क्षेत्र के करीब 355 गांवों में एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। विभागीय अफसरों का कहना है कि जलस्तर और बढ़ा तो अधिक गांवों की बिजली भी रोकी जा सकती है।
स्थिति इतनी गंभीर है कि मुख्य मार्गों से लेकर गांवों के अंदर तक पानी भर गया है। राजेपुर बिजली उपकेंद्र भी जलमग्न हो चुका है। यहां पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर पानी से घिर गया है। यदि पानी और बढ़ा तो ट्रांसफार्मर सीधे खतरे में आ सकता है। अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने बताया कि जहां-जहां पानी घटेगा, वहां बिजली बहाल की जाएगी, लेकिन जलभराव वाले इलाकों में आपूर्ति बंद ही रखनी पड़ेगी। विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों से अपील है कि वे बिजली के उपकरणों से दूर रहें और विभाग के निर्देशों का पालन करें। बाढ़ का प्रभाव अभी थमने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
अमृतपुर और कंपिल क्षेत्र के 150 स्कूल बाढ़ से प्रभावित
अमृतपुर और कंपिल क्षेत्र में बाढ़ के पानी से सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य ठप हो गया है। बाढ़ का पानी कई स्कूल भवनों में भर जाने के कारण कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) अनुपम अवस्थी ने बताया कि करीब 150 विद्यालय बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित क्षेत्रों के छात्रों को नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर पाठन-पाठन की व्यवस्था की जा रही है, ताकि शिक्षा व्यवस्था बाधित न हो। प्रशासन ने जल्द ही सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी कक्षाओं के माध्यम से शिक्षण कार्य सुचारू रूप से शुरू करने की तैयारी की है।