खाट पंचायत के दौरान राहुल गांधी के साथ वरिष्ठ कांग्रेसी नेता
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कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि आम बजट की तरह किसान बजट भी पेश किया जाना चाहिए। भारत किसानों का देश है, इसके बावजूद किसानों की हालत अच्छी नहीं है। इसके लिए जरूरी है कि उनका एक वार्षिक बजट हो, उनके लिए योजनाएं अलग से बनें ताकि देश का किसान आत्मनिर्भर बन सके। वह बुधवार को कानपुर के घाटमपुर में खाट सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने रेल बजट को आम बजट में मर्ज कर दिया है। हम तो कहते हैं कि इस बार से ही किसान बजट शुरू किया जाए, जिससे हर किसान को यह पता रहे कि उसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकारें क्या कर रही हैं। चिलचिलाती धूप में राहुल गांधी ने किसानों से कहा कि वे गांव-गांव घूमकर किसानों के हालात की जानकारी जुटा रहे हैं। अभी तक की यात्रा से यह पता चला है कि किसान कर्ज के बोझ से दबा है और केंद्र की मोदी सरकार उद्योगपतियों का लोन माफ करने में जुटी है। कांग्रेस ऐसा होने नहीं देगी। किसानों की बात वे लोकसभा में उठाएंगे, प्रधानमंत्री मोदी के सामने भी रखेंगे। प्रधानमंत्री को किसानों की बात सुननी ही पड़ेगी। यदि केंद्र सरकार उनकी बात नहीं मानती है तो कांग्रेस की सत्ता आते ही 10 दिन के अंदर पहला काम किसानों, मजदूरों का कर्ज माफ किया जाएगा।
राहुल ने मायावती, मुलायम और अखिलेश यादव पर भी जमकर हल्ला बोला। कहा कि बसपा का हाथी इतना बेकाबू है कि वह सभी योजनाओं का बजट खा जाता है। यहां तक कि बसपा के संस्थापक कांशीराम को भी नहीं छोड़ा। आज की बसपा सिर्फ धन बटोरने वाली पार्टी हो गई है। सपा की सरकार तो भ्रष्टाचार के पैसे बिना चल ही नहीं सकती है। अब किसानों और मजदूरों को सोचना है कि उन्हें यूपी और केंद्र में कैसी सरकार चाहिए। उन्होंने बताया कि देवरिया से दिल्ली तक की उनकी यात्रा किसानों का दर्द समझने के लिए ही शुरू की गई है।