अन्ना मवेशियों के फसल चर जाने से दुखी किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। तहसीलदार मौदहा राकेश कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी नहीं है। वह खुद इसकी जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे।
क्षेत्र के किसानों को अन्ना मवेशी तबाह किए हैं। वे जाड़े कोहरे की परवाह किए बगैर खेतों में रात भर जागकर फसल की रखवाली कर रहे हैं। इसके बावजूद अन्ना मवेशियों से फसल बचा पाना मुश्किल हो रहा है। किसान जान तक देने लगे हैं। इसके बावजूद प्रशासन इस विकट समस्या का कोई हल नहीं ढूंढ पा रहा है। क्षेत्र के इमिलिया गांव में अन्ना मवेशी शुक्रवार रात किसान झल्लन सिंह (58) की पांच बीघा गेहूं की फसल चट कर गए। सुबह इसकी जानकारी होने पर किसान ने फांसी लगा ली।
मृतक के भतीजे जितेंद्र सिंह ने बताया कि चाचा झल्लन के पास 25 बीघे जमीन थी। तीन बेटियाें की शादी करने के लिए उन्होंने 20 बीघे जमीन बेच दी थी। अब सिर्फ पांच बीघे जमीन ही बची है। इसमें उन्हाेंने साल भर के खाने के लिए गेहूं बोया था। शुक्रवार को परिवार में शादी समारोह के कारण वह खेतों में नहीं जा पाए और रात को अन्ना मवेशी पूरी फसल चर गए।
शनिवार सुबह खेतों में जाकर नष्ट फसल देखी। घर लौटे तो यही कह रहे थे कि अब साल परिवार का गुजारा कैसे होगा। शाम करीब चार बजे घर के ऊपर वाले कमरे में उन्होंने फांसी लगा ली। चाची कमरे में पहुंची तो घटना की जानकारी हुई। चीख पुकार सुनकर पूरा परिवार एकत्र हो गया। जितेंद्र ने बताया कि मामले की सूचना एसडीएम मौदहा और थाना पुलिस को दी है। थाना प्रभारी यशकरन सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।