दो बीघे जमीन को भी बाउंड्री बनाकर कब्जे में ले लिया
इसके बाद उन्हें पता ही नहीं चला कि कब भूमाफियाओं ने करोड़ों की जमीन को दीमक की तरह चट करना शुरू कर दिया। काजल के अनुसार घर से करीब दो किमी दूर स्थित मथुरापुर में पिता की आठ बीघे जमीन थी। यहां भी प्लॉटिंग चल रही है। शुक्रवार को पिता जब जमीन देखने पहुंचे, तो पता चला कि उनकी करीब दो बीघे जमीन को भी बाउंड्री बनाकर कब्जे में ले लिया गया, जो अभी भी उसी हालत में है।
पुलिस बैठी रही, भतीजे समेत आरोपी घर में ताला बंदकर फरार
चकेरी थानाक्षेत्र के अहिरवां में 6.29 करोड़ रुपये की साढ़े छह बीघा जमीन के हड़पे जाने से आहत चकेरी गांव निवासी किसान बाबू सिंह यादव (52) के सुसाइड नोट लिखकर खुदकुशी करने के मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्जकर अपनी ड्यूटी पूरी कर ली। 24 घंटे बाद पुलिस ने जांच शुरू की और न आरोपी को उठाकर पूछताछ की।
पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है
पुलिस परिजनों को सिर्फ जांच का हवाला देकर बैठी रही। इसका फायदा उठाकर मृतक के भतीजे समेत अन्य आरोपी घर में ताला डालकर परिजनों समेत फरार हो गए। मृतक की पत्नी बिटान का आरोप है कि सत्तापक्ष के नेता की वजह से पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। चकेरी गांव में रहने वाले किसान बाबू सिंह यादव, पत्नी बिटान, दो बेटियों रूबी व काजल के साथ रहते थे।
जमीन पर करीबी ने कब्जा कर लिया
बाबू सिंह को इलाके के मथुरापुर में आठ और लोधनपुरवा में 10 बीघे जमीन नानी पूसादेवी ने वसीयत में दी थी। इसी जमीन पर करीबी ने कब्जा कर लिया था। इससे यह जमीन विवादित हो गई। इसी जमीन के मसले पर गांव में ही रहने वाले बाबू के भतीजे जितेंद्र यादव ने उनकी मुलाकात वर्ष 2017 में टटिया झनाका निवासी अपने साढ़ू बबलू की मदद से भाजपा नेता डॉ. प्रियरंजन आशु दिवाकर से कराई थी।
एक अधिवक्ता की मदद से हड़प ली थी जमीन
बबलू 20 साल से प्रियरंजन की गाड़ी चलाता है। डॉ. प्रियरंजन मैनपुरी से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं। तीनों ने एक अधिवक्ता की मदद से उनकी 6.29 करोड़ रुपये की जमीन हड़प ली थी। इससे आहत होकर उन्होंने शनिवार को ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने भतीजे जितेंद्र, भाजपा नेता डॉ. प्रियरंजन, उसके ड्राइवर बबलू, राहुल जैन, मधुर पांडेय, शिवम चौहान के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाना, अमानत में खयानत और धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद सभी गायब
रविवार की सुबह बाबू के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद सभी गायब हो गए। उधर, पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाकर मृतक का भतीजा जितेंद्र घर पर ताला बंदकर परिजनों संग फरार हो गया। ताले को एक कपड़े से ढंककर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया गया।
जमीन की पैमाइश कराई जाएगी
वहीं, श्यामनगर स्थित डॉ. प्रियरंजन के घर पर भी सिर्फ एक महिला मिली, जिसने बताया कि वह अब मैनपुरी में रहते हैं। थाना प्रभारी अशोक दुबे ने बताया कि प्रकरण में अभी तक मृतक के परिजन कोई कागज नहीं दे पाए हैं। मृतक की बेटियों की तबीयत खराब है। जमीन की पैमाइश कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।