राजपुर। (कानपुर देहात)। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद के लिए अब फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है। जिन किसानों ने अब तक रजिस्ट्री नहीं कराई है उनसे खरीद नहीं होगी। ऐसे में सिकंदरा तहसील क्षेत्र में 18, 397 किसान सरकारी खरीद के लाभ से वंचित रह सकते हैं।
सिकंदरा तहसील के राजपुर व संदलपुर ब्लॉक में पंजीकृत 61, 845 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी थी। इनमें से 43, 448 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है। वहीं 18, 397 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अभी तक नहीं हुई है। ऐसे में बगैर रजिस्ट्री कराए यह किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बिक्री नहीं कर पाएंगे। इधर मौसम साफ होने के बाद गेहूं की कटाई-मड़ाई तेज हो गई है। किसान खेत से मड़ाई कर गेहूं को सीधे बिक्री करने की तैयारी में हैं। इधर फार्मर रजिस्ट्री कराने पर ही गेहूं खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात सामने आने पर किसान चिंतित हैं। वहीं, कई केंद्रों पर बारदाना की भी समस्या बनी हुई है।
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सूने पड़े गेहूं क्रय केंद्र, 11 दिनों में 80 क्विंटल खरीद
राजपुर। सिकंदरा में रबी विपणन वर्ष के तहत इस बार गेहूं खरीद के लिए पांच क्रय केंद्र संचालित किए गए हैं। राजपुर ब्लॉक में तीन व संदलपुर ब्लॉक में दो क्रय केंद्र बनाए गए हैं। मौसम के मिजाज के चलते केंद्र सूने पड़े हैं। कुछ क्रय केंद्रों पर तौल मशीनें तक नहीं लगी हैं। रविवार को राजपुर के मानपुर में खोले गए एफसीएस के केंद्र पर कुछ किसानों ने समर्थन मूल्य, तौल व्यवस्था और बारदाना उपलब्धता के बारे में जानकारी करनी चाही केंद्रों पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि खरीद के लिए तैयारियां की जा रही हैं आवश्यक मशीनें, कंप्यूटर सिस्टम व बारदाना विभाग की ओर से उपलब्ध कराया गया है। बी पैक्स गौरी हसनपुर के केंद्र प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि एक किसान से 27 क्विंटल 50 किलो गेहूं खरीद की गई है। मानपुर स्थित खाद्य विभाग के केंद्र प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि गेहूं खरीद की तैयारी पूरी कर ली गई है। अभी एक किसान से 52 क्विंटल गेहूं खरीद की गई है। केंद्र पर आने वाले किसानों को समर्थन मूल्य आदि की जानकारी दी जा रही है। (संवाद)
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काउंटर नंबर आठ पर आइए, दस्तावेज में त्रुटि सही कराइए
राजपुर। खतौनी व आधार कार्ड में नाम में अंतर होने की वजह से किसानों को फार्मर रजिस्ट्री बनवाने में दिक्कत आ रही है। शासन की ओर से खतौनी में नाम संशोधन के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे लेकिन लेखपालों की शिथिलता और सर्वर समस्या के चलते नाम संशोधन नहीं हो पाए हैं। अब 30 अप्रैल तक फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर देने से कृषि विभाग के अधिकारी व राजस्व कर्मी गांव-गांव शिविर लगाकर फार्मर रजिस्ट्री तैयार कर रहे हैं। फार्मर रजिस्ट्री कराने में किसानों को सबसे अधिक परेशानी नाम में गड़बड़ी होने के चलते आ रही है। समस्या दूर करने के लिए शनिवार से तहसील परिसर में काउंटर नंबर आठ खोला गया है। काउंटर नंबर आठ में राजस्व अधिकारी किसानों का डाटा लेकर नाम में संशोधन आदि का कार्य कर रहे हैं। सिकंदरा तहसीलदार राकेश चंद्रा ने बताया कि तहसील क्षेत्र में करीब 30 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी है। इनमें से बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं। जिनके नाम पते में त्रुटि है। काउंटर पर ऐसे किसानों से दस्तावेज लेकर संबंधित लेखपालों के जरिये किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराई जा रही है। (संवाद)