कानपुर देहात। अनुदान आधारित लाभ के लिए किसानों की फार्मर रजिस्ट्री जरूरी है। मगर अब तक जिले में 47.44 फीसदी फार्मर रजिस्ट्री हो सकी है। अब पंजीयन के लिए 30 अप्रैल अंतिम तिथि तय की गई है।
जिले में कुल 3, 48, 198 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी है। जनवरी में बेहद कम फार्मर रजिस्ट्री होने पर शासन स्तर से नाराजगी जताई गई। इस पर राजस्व व कृषि विभाग की ओर से अभियान चलाकर गांवों में शिविर लगाए गए। इधर सर्वर सुस्त होने की समस्या बनी तो रात में शिविर लगाकर पंजीयन कराए गए। हालांकि अब तक 1, 65, 192 किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री हुई है। यह 47.44 फीसदी है। रसूलाबाद और झींझक क्षेत्र में फार्मर रजिस्ट्री की गति सुस्त है। अब 30 अप्रैल तक पंजीयन तिथि बढ़ाई गई है। फार्मर रजिस्ट्री बढ़े इसके लिए रसूलाबाद व झींझक क्षेत्र में शिविर लगाए जा रहे हैं।
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वर्जन.....
फार्मर रजिस्ट्री के लिए 30 अप्रैल तक शिविर लगाए जाएंगे। झींझक व रसूलाबाद क्षेत्र में पंजीयन शिविर लगाए जा रहे हैं। किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। किसान मोबाइल पर ऐप के माध्यम से खुद भी पंजीयन कर सकते हैं। फार्मर रजिस्ट्री जल्द पूरी होने की उम्मीद है। - रामबचन राम, उप निदेशक कृषि
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अब तक शिविर में हुई 7108 फार्मर रजिस्ट्री
शिविर में जिले के 7018 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की गई हैं। कृषि सहायकों की ओर से 429 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराई गई हैं। इधर 16987 किसानों ने मोबाइल के माध्यम से खुद फार्मर रजिस्ट्री कर लीं। सीएससी से 140668 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की गई हैं। संवाद
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अनुदान लाभ के लिए जरूरी है फार्मर रजिस्ट्री
किसानों को बीज, खाद, कृषि सहायक उपकरण आदि के लिए सरकार अनुदान देती है। इसके साथ ही केंद्र सरकार किसानों को सम्मान निधि दे रही है। किसान क्रेडिट कार्ड में कम ब्याज पर ऋण और क्रय केंद्र पर उपज बेचने वाले किसानों को मंडी समिति से लाभांवित किया जाता है। जानकारों का कहना है कि लाभपरक योजनाओं के लिए फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य किया जाना है।