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पशुओं ने चरी फसल, तो किसान ने फांसी लगा जान दे दी

Thu, 09 Nov 2017 12:15 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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जान देने वाला किसान दयाराम (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला
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कर्ज के तनाव में घुट-घुट कर जी रहा किसान अपनी दो बीघा फसल से कुछ आस लगाए था, जिसे अन्ना जानवर चर गए। इन हालात से टूटे किसान ने फांसी लगा ली। किसान पर साहूकारों का लगभग 50 हजार रुपये का कर्ज था। साथ रह रहा पिता बैंक का कर्जदार है। राजस्व और पुलिस अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
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यूपी के बांदा जिले के बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पतवन गांव में दयाराम (45) पुत्र भीम यादव ने मंगलवार रात घर के नजदीक खेत में बबूल के पेड़ पर रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। तड़के शौच को गए ग्रामीणों ने शव लटका देखा। सूचना पर नायब तहसीलदार, लेखपाल व क्षेत्राधिकारी भी पहुंच गए। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

मृतक के भाई दयाशंकर ने बताया कि तीन भाइयों में वह सबसे बड़ा था। मां-बाप व पत्नी माया और तीन बच्चों के साथ रहता था। चार बीघा खेती है। इसमें पिता व तीनों भाइयों के नाम पर एक-एक  बीघा जमीन है। दो दिन पहले अन्ना पशु खेत की फसल सफाचट कर गए थे। इससे दयाराम और परेशान हो उठा था।
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40 हजार रुपये का कर्ज लिया था, जो बढ़कर 80 हजार हो गया है

40 हजार रुपये का कर्ज लिया था - फोटो : अमर उजाला
भाई के मुताबिक करीब चार साल पहले बहन की शादी के लिए पिता ने इलाहाबाद ग्रामीण बैंक (पतवन शाखा) से 40 हजार रुपये का कर्ज लिया था, जो बढ़कर 80 हजार हो गया है। उसने भी खेतीबाड़ी के लिए साहूकारों से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। खेतों को सींचने के लिए पैसों की कमी थी। दो दिन पहले अन्ना जानवर चने की फसल चट कर गए। इसी से उसने जान दे दी। परिवार में पत्नी माया व तीन बच्चे हैं। 

इस बाबत अपर जिलाधिकारी (वित्त) गंगाराम गुप्त ने बताया कि एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी को जांच के लिए भेजा गया है। उधर, क्षेत्रीय पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव ने मृतक के परिजनों से मिलकर संवेदना जताई। 
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