जान देने वाला किसान दयाराम (फाइल फोटो)।
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कर्ज के तनाव में घुट-घुट कर जी रहा किसान अपनी दो बीघा फसल से कुछ आस लगाए था, जिसे अन्ना जानवर चर गए। इन हालात से टूटे किसान ने फांसी लगा ली। किसान पर साहूकारों का लगभग 50 हजार रुपये का कर्ज था। साथ रह रहा पिता बैंक का कर्जदार है। राजस्व और पुलिस अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
यूपी के बांदा जिले के बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पतवन गांव में दयाराम (45) पुत्र भीम यादव ने मंगलवार रात घर के नजदीक खेत में बबूल के पेड़ पर रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। तड़के शौच को गए ग्रामीणों ने शव लटका देखा। सूचना पर नायब तहसीलदार, लेखपाल व क्षेत्राधिकारी भी पहुंच गए। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मृतक के भाई दयाशंकर ने बताया कि तीन भाइयों में वह सबसे बड़ा था। मां-बाप व पत्नी माया और तीन बच्चों के साथ रहता था। चार बीघा खेती है। इसमें पिता व तीनों भाइयों के नाम पर एक-एक बीघा जमीन है। दो दिन पहले अन्ना पशु खेत की फसल सफाचट कर गए थे। इससे दयाराम और परेशान हो उठा था।