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2500 लोगों की जिंदगी रोशन करने वाले डॉ. रहमानी नहीं रहे, 22 मार्च को हुआ था ब्रेन अटैक

Mon, 06 Apr 2020 12:49 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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 डॉ. महमूद रहमानी (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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कानपुर में 1224 कार्निया प्रत्यारोपण का रिकॉर्ड बनाने वाले वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. महमूद रहमानी का रविवार देररात इंतकाल हो गया। वह 66 वर्ष के थे। 22 मार्च को ब्रेन अटैक के बाद उन्हें रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से वह वेंटिलेटर पर ही थे।
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सोमवार सुबह नौ बजे कर्नलगंज स्थित जनाजे वाली मस्जिद में उनके जनाजे की नमाज पढ़ाई जाएगी। इसके बाद बजरिया स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। डॉ. रहमानी सिविल लाइंस स्थित अंपायर अपार्टमेंट में रहते थे। चमनगंज में शिफा आई रिसर्च सेंटर नाम से क्लीनिक चलाते थे।
 
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यहां कार्निया प्रत्यारोपित कर उन्होंने 2500 से अधिक लोगों की जिंदगी को उजाले से भरा। शुरुआती तालीम मदरसे से लेने वाले डॉ. रहमानी ने जम्मू-कश्मीर मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरी की पढ़ाई की थी। बेकनगंज की मशहूर रहमानी मार्केट इनके परिवार के नाम पर है।

शहर में कार्निया प्रत्यारोपण की शुरुआत की शहर में कार्निया प्रत्यारोपण की शुरुआत करने का श्रेय डॉ. रहमानी को जाता है। लोगों की जिंदगी रोशन करने की अपनी मुहिम के प्रति इस कदर समर्पित थे कि आधी रात भी सूचना मिले तो कार्निया लेने के लिए निकल पड़ते।

उनके जानने वाले बताते हैं कि एक बार वे धार्मिक यात्रा पर मक्का जा रहे थे। दिल्ली पहुंचने पर कानपुर से फोन पर सूचना मिली कि किसी का निधन हो गया है। उनसे कार्निया लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी सेवा और कुछ नहीं। वह कानपुर लौटे और कार्निया लेने के बाद फिर से अपनी यात्रा पर गए।
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