कानपुर में बुधवार तड़के न्यूनतम तापमान दो डिग्री लुढ़ककर पांच पर पहुंच गया। मंगलवार को यह सात डिग्री सेल्सियस था। दिन का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को यह 16 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग के अनुसार अभी ठंड का असर इसी तरह रहेगा।
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डेमो पिक
दिन-रात की हवा में नमी बढ़ने से गलन में भी इजाफा हुआ है। गंगा के मैदानी क्षेत्रों में पिछले पांच दिन से हवा की रफ्तार कम होने से ठंड का असर बढ़ा है। पहाड़ी क्षेत्रों में चलने वाली बर्फीली हवाओं का असर धीरे-धीरे मैदानी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। हवा धीमी होने की वजह से घने कोहरे का असर भी जारी है। देश और प्रदेश के ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे चल रहा है। अधिकतम तापमान भी 15 के आसपास है। मौसम विशेषज्ञ डा. अनिरुद्घ दुबे के अनुसार इसी तरह ठंड पड़ने से मटर, आलू की फसलों पर असर पड़ सकता है। गेहूं की फसल के लिए यह मौसम बेहतर है।
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शरीर का सामान्य तापमान 98.6 फारेनहाइट होता है, पर लगातार कम तापमान में रहने से यदि यह शरीर का तापमान 95 फारेनहाइट या उससे नीचे पहुंच जाए, तो दिमाग में आक्सीजन कम पहुंचती है। दिमाग की कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं। इस स्थिति को हाइपोथर्मिया कहते हैं। इसकी गिरफ्त में आने पर मौत हो सकती है। ठंड में ब्लड प्रेशर 180-200 पहुंच जाने पर दिमाग की नस फटने की आशंका रहती है, ऐसा होने पर मरीज की मौत हो जाती है। ज्यादा ठंड में खासकर बुजुर्गों को हार्ट अटैक पड़ने की संभावना रहती है। डॉ. विशाल गुप्ता, सहायक आचार्य, मेडिसिन विभाग, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
- बाहर निकलते वक्त सिर-कान ढककर निकलें
- गरम कपड़े पर्याप्त संख्या में पहनें
- ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें
- ज्यादा गरिष्ठ भोजन न खाएं
- गुनगुना पानी पिएं
- खाली पेट घर के बाहर न निकलें
- नहाने के तुरंत बाद बाहर न जाएं
- हीटर, ब्लोअर या आग तापकर तुरंत सर्द मौसम में न जाएं
- ज्यादा सुबह मॉर्निंग वॉक पर न निकलें