फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fake PMO Officer: सोसाइटी में बिछा रखा था चौतरफा जाल, महिला मित्र को भी दिलवाता था फर्जी सम्मान

Sun, 10 Sep 2023 10:19 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: एसीपी कल्याणपुर विकास कुमार पांडेय ने बताया कि सोसाइटी के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। लोगों ने बताया कि अभिषेक उर्फ संतोष खुद तो नहीं बताता था कि वह कौन से विभाग में कौन सा अधिकारी है( हालांकि उसका चालक और फर्जी पीआरओ प्रदीप सिंह सोसाइटी में घूमकर कभी एनआईए का डीआईजी बताते थे, तो कभी पीएमओ का अफसर।
 
विज्ञापन
ठग अभिषेक प्रताप सिंह गिरफ्तार (फाइल फोटसे) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में पीएमओ का अफसर बताकर ठगी करने वाला अभिषेक प्रताप सिंह उर्फ संतोष सिंह ने बिठूर की पायनियर ग्रीन्स सिटी में अपनी फर्जी फिजा का ऐसा जाल बिछा रखा था कि उस जाल में सोसाइटी का लगभग हर इंसान फंसता गया। खुद की जयकार करवाने के साथ ही वह विला में उसके साथ रह रही अपनी महिला मित्र (जिसे वह अपनी पत्नी बताता था) को भी फर्जी सम्मान दिलवाता था।

विज्ञापन

पुलिस, प्रशासन में उसकी पकड़ के चलते वह अपनी जरूरत के अनुसार सिपाहियों से लेकर एसआई तक को बुलवा लेता था। सोसाइटी के लोगों ने अमर उजाला से एक तस्वीर साझा की। बताया गया कि सोसाइटी में रहने वाले विद्युत विभाग के अधिकारी की पत्नी अपने स्तर से सोसाइटी के मंदिर के भव्य निर्माण कराना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने खुद को पीएमओ का अफसर बताने वाले संतोष सिंह से मुलाकात की। 

मंदिर निर्माण से पहले शिलान्यास के लिए किया था आमंत्रित
संतोष ने इसके लिए बिल्डर निखिल शर्मा को तैयार भी करवा लिया, लेकिन सोसाइटी में सभी को यही बताया गया कि मंदिर का भव्य निर्माण अभिषेक उर्फ संतोष करा रहा है। 26 अप्रैल 2022 को मंदिर के निर्माण से पहले शिलान्यास कराने के लिए सोसाइटी के लोगों ने अभिषेक उर्फ संतोष को आमंत्रित किया, लेकिन वह उस दिन अपनी टीम के साथ कहीं बाहर था।

बिल्कुल वीआईपी की तरह ही मंदिर का शिलान्यस किया
ऐसे में एक दिन पहले रात को ही अपने महिला मित्र को लखनऊ से पुलिस की सुरक्षा में बुलवाया। पुलिस कर्मी उसे मैडम कहकर संबोधित करते हुए साये की तरह साथ रहे। महिला मित्र ने भी बिल्कुल वीआईपी की तरह ही मंदिर का शिलान्यस किया था। वहीं, लोगों ने बताया कि करीब एक साल पहले जब संतोष के किराये के विला में लगा इन्वर्टर खराब हो गया था।

अमित शाह को नहीं भेज पाता हूं डाटा
इस पर उसे ठीक करवाने के लिए बिल्डर निखिल का कर्मचारी सतीश एक इलेक्ट्रीशियन को लेकर पहुंचा था।  संतोष ने उससे इन्वर्टर को ही बदलने के लिए कहा।  रौब झाड़ते हुए बोला कि तुम्हारी आए दिन सोसाइटी में होने वाली बिजली की समस्या के कारण मैं अमित शाह को रोज की एक्टिविटी का डाटा नहीं भेज पाता हूं। बताओ अब उनको मैं क्या जवाब दूंगा कहकर खफा हो गया था।

करवाचौथ पर आईफोन गिफ्ट करने के लिए मांगा था
बिल्डर निखिल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि शातिर ठग संतोष ने बीते साल उससे आईफोन मांगा। बताया कि पत्नी को करवाचौथ पर गिफ्ट करना है। ऐसे में उन्होंने खुद आईफोन लाकर उसे दिया था। वहीं, बिल्डर ने एक मैकबुक भी देने की बात बताई। पुलिस ने उसे बरामद करके जब्त भी किया था।
विज्ञापन

पूरी सोसाइटी को पता था कि वह कोई बड़ा अधिकारी
प्रकरण की जांच कर रहे एसीपी कल्याणपुर विकास कुमार पांडेय ने बताया कि सोसाइटी के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। लोगों ने बताया कि अभिषेक उर्फ संतोष खुद तो नहीं बताता था कि वह कौन से विभाग में कौन सा अधिकारी है( हालांकि उसका चालक और फर्जी पीआरओ प्रदीप सिंह सोसाइटी में घूमकर कभी एनआईए का डीआईजी बताते थे, तो कभी पीएमओ का अफसर। जब सोसाइटी का कोई व्यक्ति पसर्नल उससे उसका काम पूछता था तो गोलमोल बातें करके टाल देता था। एसीपी के अनुसार आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें