पुलिस ने उनको पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था, जिसके बाद वह मंगलवार को पुलिस के सामने पेश हुए। करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। पुलिस ने तमाम अहम साक्ष्य उनके खिलाफ जुटा लिए हैं। एसीपी ने बताया कि पूछताछ जारी रहेगी। वर्तमान में शैलेंद्र लखनऊ पासपोर्ट मुख्यालय में तैनात हैं। मामला उजागर होने के बाद उनका तबादला किया गया था।
कुछ इस तरह किया है खेल
पुलिस के खुलासे के बाद अमर उजाला ने पड़ताल की। इस दौरान खुलासा किया गया कि जब शैलेंद्र सिन्हा 2019 में कानपुर में तैनात रहे थे तब भी फर्जी मार्कशीट पर पासपोर्ट जारी किए गए थे, जिसमें आपत्तियां लगी थीं उसको भी शैलेंद्र ने अपने स्तर से ओके कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक इसी तरह का खेल आगे भी किया है, जिसमें वह फंस रहे हैं। पुलिस जल्द इसका खुलासा कर सकती है।
सीडीआर से मिले कई सुबूत
अभी तक मामले में जिन-जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकाली है। सूत्रों के मुताबिक सरगना से पासपोर्ट अफसर का संपर्क सामने आया है। अन्य संदिग्धों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। कुछ ने पासपोर्ट अफसर के बारे में भी बताया है। ऐसे कई साक्ष्य पुलिस के पास हैं। पुलिस सभी के अलग-अलग बयान दर्ज कर रही है। कई लोगों के बयान मैच नहीं कर रहे हैं। इससे भी फर्जीवाड़ा उजागर हो रहा है।