नकली दवा के कारोबार पर नकेल कसते हुए क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को मुजफ्फरनगर में एक और नकली दवा फैक्टरी पर छापा मारा। हालांकि पुलिस को वहां कुछ हाथ नहीं लगा। पुलिस को शक है कि एक दिन पहले हुई कार्रवाई के बाद यह फैक्टरी खाली कर दी गई थी।
एडीसीपी अपराध दीपक भूकर ने बताया कि दूसरे राज्यों पर मिले कनेक्शन खंगालने के लिए सर्विलांस टीम की मदद ली जाएगी। जो आरोपी पकड़े गए हैं उनके कॉल डिटेल के आधार पर नए सिरे से क्राइम ब्रांच काम करेगी। इसके लिए दूसरे राज्यों के लिए गई टीम वापस बुला ली गई है।
अब तक 12 की गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच नकली दवा के कारोबार में लिप्त अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर करीब साढ़े चार करोड़ की कीमत की नकली दवा और रैपर बरामद कर चुकी है। क्राइम ब्रांच ने एक दिन पहले ही मुजफ्फरनगर और बागपत में नकली दवा फैक्टरी पकड़ी थी। चार लोगों को गिरफ्तार किया था।
फैक्टरी चलाने वाले बलराज ने मुजफ्फरनगर के एक और नकली दवा कारोबारी अजय त्यागी उर्फ कबरा के बारे में जानकारी दी थी। उसके ठिकानों पर क्राइम ब्रांच ने छापा मारा लेकिन वह फरार हो गया। अजय त्यागी उर्फ कबरा मेरठ का रहने वाला है। जो मुजफ्फरनगर में नकली दवा कारोबार से जुड़ा है। कबरा वहीं के एक बड़े व्यापारी चौधरी के संपर्क में है जो नकली दवा का बड़ा कारोबार करता है।
बलराज के संपर्क में बद्दी और रुड़की के कई कारोबारी
बलराज का हिमाचल प्रदेश के बद्दी और उत्तराखंड के रुड़की में आना जाना था। वहां बड़ी दवा कंपनियों की फैक्टरियां हैं। पुलिस सर्विलांस के जरिए उसके संपर्क खोजने का प्रयास कर रही है। साथ ही यूपी के कई राज्यों में उसके माल की सप्लाई थी। पुलिस ने छानबीन का दायरा भी बढ़ा दिया है।