उन्नाव जिले में जमानत पर छूटने के बाद तीन माह से पुलिस के लिए चुनौती बने अंतरराज्यीय इनामी लुटेरे धनराज लोध को आखिर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सोमवार रात सिंघूपुर मोड़ के पास हुई मुठभेड़ में धनराज व उसका साथी घायल हो गया। एक दरोगा व दो सिपाहियों को भी छर्रे लगे हैं।
पुलिस ने धनराज गिरोह के दो और शातिरों को दबोच लिया। दो भाग निकले। मौरावां थाना क्षेत्र में 11 मार्च को सराफ से हुई लूट में धनराज का नाम आया था। उसने जिले के एक पुलिस अधिकारी को फोन कर लूट में फर्जी नाम शामिल करने की बात कहकर जिले में लगातार वारदातों को अंजाम देने की धमकी दे डाली।
एसपी आनंद कुलकर्णी ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। स्वॉट टीम को सोमवार रात सूचना मिली कि सिंघूपुर मोड़ के पास धनराज लोध पांच साथियों के साथ लूट की योजना बना रहा है। स्वॉट टीम प्रभारी गौरव कुमार व दही चौकी प्रभारी प्रेमनारायण टीम के साथ पहुंचे।
पुलिस को देख धनराज व उसके साथियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में पैर में पुलिस की गोली लगने से मौरावां के अकोहरी गांव निवासी धनराज व उसका साथी पुरवा के भोलागंज निवासी अजय पटेल घायल हो गया।
लुटेरों की ओर से की गई फायरिंग में दही चौकी प्रभारी प्रेमनारायण, सिपाही विजय व स्वॉट टीम के सिपाही अमर सिंह को छर्रे लगे हैं। पुलिस ने इसी गिरोह के कछियनखेड़ा सुमेरपुर निवासी विजय कुशवाहा और चैनपुर मवइया निवासी देवेंद्र कुमार उर्फ देव लोध को भी गिरफ्तार किया है।
पुरवा के राजाबाग दलीगढ़ी निवासी आशीष चौरसिया और टीकरखुर्द निवासी लल्लू रावत भाग निकले। आरोपियों के पास से तीन हजार रुपये, जेवर, दो पिस्टल, दो तमंचे, दो बाइक व कारतूस मिले हैं। पैर में गोली लगने से घायलों को जिला अस्पताल में इलाज के बाद कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया।
दोनों पर है 35-35 हजार इनाम
एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि धनराज लोध व उसके साथ अजय पटेल पर जिले से 25-25 हजार व लखनऊ से 10-10 हजार का इनाम घोषित था। धनराज लोध पर जिले के पुरवा, मौरावां, असोहा व अचलगंज में लूट व हत्या के प्रयास के 23 व अजय पटेल पर 10 मुकदमे दर्ज हैं। गुजरात में पेट्रोल पंप के मुनीम से 40 हजार की लूट में उस पर गुजरात व लखनऊ के गुडंबा व बिजनौर थाना में भी लूट के मुकदमे दर्ज हैं। रायबरेली में भी उस पर कई मामले दर्ज हैं। गुडंबा थाना क्षेत्र में सराफ से लूट के विरोध पर उसे गोली मार दी थी।
2018 में भी हुई थी मुठभेड़
21 मार्च 2018 को पुरवा कोतवाली पुलिस की हिस्ट्रशीटर धनराज से मुठभेड़ हुई थी। उस वक्त भी आरोपी पर 25 हजार का इनाम घोषित था। फायरिंग के दौरान दरोगा प्रदीप सिंह घायल हो गए थे। पुलिस की जवाबी फायरिंग में धनराज लोध के पैर में गोली लगी थी। इससे पहले वर्ष 2007 में वह बीघापुर पुलिस से मोर्चा ले चुका है। वर्ष 2012 में वह सेशन हवालात से पुलिस को ग च्चा देकर भाग चुका है।