यात्रियों को इलाज के बदले फीस देने में गुरेज नहीं
कई बार रेल यात्री रेलवे के बड़े अधिकारियों से यह मांग कर चुके हैं कि उन्हें कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर फौरी इलाज की सुविधा दी जाए। लोको अस्पताल से डॉक्टरों को बुलाने में देर होती है, जबकि स्टेशन पर बीमार यात्रियों को इमरजेंसी मेडिकल की जरूरत होती है।
यूं भी मरीज इलाज के बदले 100 रुपये फीस देता है। यात्रियों ने मांग की थी कि अगर उन्हें स्टेशन परिसर पर आकस्मिक इलाज की सुविधा मिलेगी तो वह इसके लिए फीस देने से गुरेज नहीं करेंगे। कोरोना काल के पहले लोको अस्पताल के सीएमएस डॉ. पीके सरदार ने इस संबंध में फाइल प्रयागराज मंडल के अधिकारियों तक पहुंचाई थी। इस पर सहमति भी बन गई थी लेकिन कोरोना संक्रमण काल में टल गया। अब दोबारा से इसकी कवायद मंडल स्तर पर शुरू की गई है। इसके लिए कानपुर सेंट्रल प्रशासन डिस्पेंसरी के लिए जगह देने को तैयार है।
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर डॉक्टरों की स्थायी मौजूदगी के लिए कवायद चल रही है। निर्देश मिलते ही स्टेशन पर जगह उपलब्ध करा दी जाएगी। इस सुविधा से यात्रियों को स्टेशन पर फौरी प्राथमिक इलाज मिलना संभव होगा।- हिमांशु शेखर उपाध्याय, निदेशक, कानपुर सेंट्रल