बांदा क्षेत्र के बुढ़ौली गांव में साधु वेशधारी युवक की हत्या कर दी गई। हत्यारों ने हाथ-पैर बांधकर साफी से गले में फंदा कसने के बाद उसकी दोनों आंखें भी फोड़ दीं। शरीर पर कई जगह गहरे घाव मिले हैं। शव मंदिर से कुछ दूर खेत में पड़ा मिला।
अविवाहित युवक करीब दो साल से गांव के मंदिर में रह रहा था। उस पर कोतवाली में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। शक की सुई मंदिर में उसके साथ रहने वाले अन्य साधु वेशधारियों पर है। पुलिस मंदिर के पुजारी समेत चार साधु वेशधारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
मूलरूप से मुरवल (बबेरू कोतवाली क्षेत्र) का रहने वाला कृष्ण कुमार उर्फ लाला (40) पुत्र रामकरन पहले चित्रकूट में रह रहा था। दो साल पहले बुढ़ौली गांव आया और सार्वजनिक दुर्गा दाई मंदिर में रहने लगा। रविवार को सुबह कुछ लोग खेतों की तरफ गए तो मंदिर से करीब पांच सौ मीटर दूर कृष्ण कुमार उर्फ लाला का रक्तरंजित शव धान के खेत में पड़ा देखा।
गांव के चौकीदार ने पुलिस को सूचना दी। कोतवाली प्रभारी शशि कुमार पांडेय ने छानबीन की। हाथ-पैर एक साफी से पीछे की तरफ बंधे थे। दोनों आंखें फूटी हुई थीं। गर्दन और जिस्म के अन्य हिस्सों में भी चोट के निशान थे। मृतक के भाई बुद्धप्रकाश ने बताया कि वह पांच भाई और तीन बहन हैं।
कृष्ण कुमार चौथे नंबर का था। ग्रामीणों के मुताबिक घटना वाली रात कुछ लोगों के साथ कृष्ण कुमार ने खाया-पीया भी था। पूछताछ के बाद पुलिस ने मंदिर में रहने वाले चार अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
कोतवाली प्रभारी शशि कुमार पांडेय ने बताया कि मृतक पर बबेरू कोतवाली में धारा 307 व आर्म्स एक्ट के पांच मुकदमें दर्ज हैं। यह भी बताया कि मृतक के दो भाई नोएडा में रहते हैं। उनके आने का इंतजार है। उन्हीं की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज होगी।
अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल ने बताया कि जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया आपसी विवाद में हत्या की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि घटना को लेकर गांव में कोई तनातनी आदि नहीं है। हालात सामान्य है।