कानपुर। चर्म निर्यात परिषद की ओर से बुधवार को उन्नाव स्थित केएलसी सभागार में एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (ईपीएम) को लेकर बैठक की गई। इसमें विशेषज्ञों ने निर्यातकों को केंद्र सरकार की ओर से शुरू किए गए मिशन के प्रावधानों और लाभों की जानकारी दी। बताया गया कि ईपीएम के लिए करीब 25,060 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
विशेषज्ञ मिहिर अजीत साहा ने बताया कि यह पांच वर्ष की योजना है, जिसका उद्देश्य भारतीय निर्यातकों को आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराकर निर्यात को बढ़ावा देना है। मिशन के तहत बिजनेस-टू-बिजनेस मीट और रकम फंसने पर बीमा जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। क्षेत्रीय अध्यक्ष यादवेंद्र सचान ने कहा कि मिशन निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार निर्यात प्रोत्साहन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बैठक में निर्यातकों ने ईपीएम के संभावित लाभों को समझा और इसमें रुचि दिखाई। इस मौके पर क्षेत्रीय निदेशक पल्लवी दुबे, फारुख उमर आदि मौजूद रहे। (ब्यूरो)