हारनेस और सैडलरी (गैर चमड़ा) में सुपरहाउस ग्रुप कानपुर को पहला स्थान मिला। इसी तरह 100 करोड़ रुपये तक तैयार चमड़ा निर्यात श्रेणी में सुपरहाउस ग्रुप को पहला, रहमान इंडस्ट्रीज लिमिटेड कानपुर को दूसरा स्थान मिला। फुटवियर कंपोनेंट शू अपर श्रेणी में कांपोटेंस एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कानपुर को पहल स्थान मिला।
किंग्स इंटरनेशनल लिमिटेड को ब्रांड क्रिएशन अवार्ड
हारनेस एंड सेडलरी चमड़ा श्रेणी में एसके एक्सपोर्ट कानपुर को पहला, किंग्स इंटरनेशनल को दूसरा स्थान मिला। वहीं ग्रोमोर इंटरनेशनल लिमिटेड की निदेशक रीना सचान को चमड़े के सामान और सहायक उपकरण के विनिर्माण और निर्यात के लिए और पार्थ एक्ज़िम, कानपुर की पार्टनर अन्नपूर्णा तिवारी को सैडलरी और हारनेस (गैर-चमड़ा) के निर्माण और निर्यात श्रेणी के लिए महिला उद्यमिता अवार्ड दिया गया। जामा कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड कानपुर और किंग्स इंटरनेशनल लिमिटेड को ब्रांड क्रिएशन अवार्ड दिया गया।
विजन डॉक्यूमेंट का किया गया अनावरण
राष्ट्रीय निर्यात उत्कृष्टता पुरस्कार कार्यक्रम में चमड़ा और फुटवियर उद्योग के लिए विजन डॉक्यूमेंट 2030 का अनावरण किया गया। इसमें बताया गया कि मौजूदा फुटवियर उद्योग 17.26 बिलियन अमेरिकी डॉलर (5.29 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात और 12 बिलियन अमेरिकी डॉलर का घरेलू उद्योग का कारोबार) से बढ़ाकर 2030 तक 47.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर (निर्यात कारोबार) करना है।
इतने अवार्ड मिलना शहर के कारोबारियों के लिए उत्साहजनक
घरेलू उद्योग का कारोबार 33.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है। फुटवियर क्षेत्र (चमड़े के जूते और गैर-चमड़े के जूते) की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत है। परिषद के उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जालान ने बताया कि कानपुर को अलग-अलग श्रेणी में कई अवार्ड मिले हैं। चुनौतियों के बीच भी इतने अवार्ड मिलना शहर के कारोबारियों के लिए उत्साहजनक है।