संडीला की सैफ यीस्ट कंपनी की प्रयोगशाला से खमीर बनाने के दो उत्पादन सूत्र ही (फार्मूला) ही चोरी हो गए। दरअसल यह फॉर्मूला फैक्टरी की प्रयोगशाला की लाॅगबुक में लिखा था। दावा है कि विभाग के एक संविदाकर्मी ने लॉगबुक में लिखे उक्त फॉर्मूले के दो पन्ने जानबूझकर फाड़ लिए। अब कंपनी के महाप्रबंधक की शिकायत पर पुलिस ने संविदा कर्मी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
संडीला औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट संख्या-101 में सैफ यीस्ट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड है। यहां खमीर बनाने का काम होता है। अलग-अलग तरह के खमीर बनाकर इनकी आपूर्ति की जाती है। कंपनी में बड़ी संख्या में संविदा कर्मी भी काम करते हैं। पुलिस में की शिकायत में कंपनी के महाप्रबंधक आरके आर्या ने बताया कि बघौली थाना क्षेत्र के कुशालपुर निवासी आशुनीश सिंह कंपनी में संविदा कर्मी हैं। बताया कि कंपनी की फर्मेंटेशन प्रयोगशाला तक आशुनीश की पहुंच है।
दावा है कि बीते नौ अगस्त को आशुनीश ने लॉगबुक के दो पन्ने जानबूझकर फाड़ दिए। इन दोनों पन्नों में दो तरह के खमीर बनाने के फॉर्मूले लिखे थे। इसका पता तब चला जब 20 अगस्त को सीसीटीवी फुटेज देखे गए। फुटेज में आरोपी कर्मी लॉगबुक के पन्ने फाड़ते हुए नजर आ रहा है। सीओ संडीला संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्रतिद्वंद्वियों तक फॉर्मूला पहुंचाने की आशंका
प्राथमिकी में महाप्रबंधक ने एक गंभीर आशंका जताई है। बताया कि लॉगबुक से चोरी किए गए फॉर्मूले उनकी प्रतिद्वंद्वियों की कंपनियों के जिम्मेदारों को दे दिए गए होंगे। इससे कहीं न कहीं कंपनी की विशेषज्ञता पर भी आंच आ सकती है।
तो समोसा रखने के लिए फाड़ लिए लॉगबुक के पन्ने
पुलिस महकमे से जुड़े सूत्र बताते हैं कि प्राथमिकी दर्ज होने के साथ ही पूरे मामले की जांच तेजी से शुरू हुई है। इस दौरान जब कुछ लोगों ने आरोपी से फॉर्मूला चुराए जाने के बारे में जानकारी की तो आरोपी ने कहा कि उसे पता ही नहीं कि लॉगबुक में कोई फॉमॅूला लिखा है। चर्चा तो यहां तक है कि आराेपी ने बताया कि समोसा रखने के लिए उसने लॉगबुक के पन्ने फाड़े थे। लॉगबुक पुरानी थी इसलिए उसे लगा कि इसका कोई उपयोग नहीं है। हालांकि अभी पुलिस ने इस मामले में कोई अधिकृत बयान नहीं दिया है।