मेट्रो के अधिकारियों ने सांसद को बैठक में दी जानकारी
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने मेट्रो विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया है। 12 अप्रैल की शाम को मेट्रो के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद मीणा सहित अन्य अधिकारियों की सांसद रमेश अवस्थी के साथ बैठक हुई। गुरुदेव चौराहे के पास स्थित मेट्रो डिपो कार्यालय में हुई बैठक में चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर ने सांसद को मेट्रो के नए रूटों, इनकी लंबाई, निर्माण लागत की जानकारी दी।
2030 तक इन रूटों पर मिलेगी मेट्रो ट्रेन में यात्रा की सुविधा
| रूट |
भूमिगत |
एलिवेटेड |
कुल लंबाई |
लागत |
| नौबस्ता - बर्रा-8 |
00 |
5.9 किमी |
5.9 किमी |
1799.63 करोड़ |
| पनकी-केंद्रीय विद्यालय, कैंट |
9.41 किमी |
11.2 किमी |
20.61 किमी |
362.77करोड़ |
| नौबस्ता-चकेरी |
00 |
17.6 किमी |
17.6 किमी |
11122.08 करोड़ |
2035 तक इन एलिवेटेट रूटों पर मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना
| रूट |
लंबाई |
लागत |
| आईआईटी-मंधना |
5.44 किमी |
2117.76 करोड़ रुपये |
| सीएसए - ख्यौरा कटरी |
4.39 किमी |
2250.17 करोड़ रुपये |
| नौबस्ता - रमईपुर |
5.76 किमी |
2250.17 करोड़ रुपये |
| केंद्रीय विद्यालय,कैंट-उन्नाव |
15.0 किमी |
5917.27 करोड़ रुपये |
एक दिन पहले मेट्रो अधिकारियों के साथ बैठक में मेट्रो रेल की भावी परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अभी मेट्रो का शहर के 32 किलोमीटर के दायरे में निर्माण चल रहा है। आगे की योजना के अनुसार इसका संचालन 75 किलोमीटर क्षेत्र में किए जाने की योजना है। प्रस्ताव रखा गया है कि बैराज से बिठूर और बिठूर से मंधना, आईआईटी से मंधना मिलाने की योजना है। इससे रिंग रोड की तरह मेट्रो का भी रिंग ट्रैक बन जाएगा, जो शहरवासियों के लिए काफी सुविधाजनक रहेगा। - रमेश अवस्थी, सांसद महानगर
नए मेट्रो रूटों के लिए राइट्स संस्था ने शुरुआती सर्वे किया है। यूपीएमआरसी को डीपीआर और धन आवंटन की स्वीकृति मिल जाए तो तय समय में लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। इससे शहरवासियों को जाम से निजात के साथ विश्वस्तरीय परिवहन की सुविधा मिल सकेगी।- पंचानन मिश्रा, डिप्टी जीएम (पीआर), यूपीएमआरसी