इस गणना को ऐसे समझें
माना आपने एक महीने में 310 यूनिट बिजली खर्च की। नए लागू टैरिफ में खर्च की गई बिजली को तय दर 6.50 रुपये से गुणा किया जाएगा। यह राशि 2015 रुपये बनेगी। अब 150 यूनिट तक के स्लैब पर एक रुपये प्रति यूनिट की छूट मिलेगी, जो 150 रुपये होती है। अगले 150 से 300 यूनिट वाले स्लैब में यानी 150 यूनिट पर 50 पैसे प्रति यूनिट की सब्सिडी है, जो 75 रुपये बनती है। इसके बाद की खर्च हुई यूनिटों पर कोई सब्सिडी नहीं है। इस तरह दोनों स्लैबों में 225 रुपये की सब्सिडी मिली। अब 6.50 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बने 2015 रुपये के बिल से 225 रुपये घटा दिए जाएंगे। इस तरह आपका बिल 1790 रुपये बनेगा। अगर आपका कनेक्शन दो किलोवाट का है तो प्रति किलोवाट 110 रुपये के हिसाब से 220 रुपये फिक्स चार्ज जुड़ेगा। 1790 और 220 रुपये जोड़कर 2010 रुपये बनेंगे अब इस पर पांच प्रतिशत (100.5 रुपये) इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी जुड़ेगी। इस तरह से कुल बिल 2110.5 रुपये का होगा।
सितंबर से बदले टैरिफ के हिसाब से रीडिंग हो रही है। पहले अलग-अलग स्लैब का बिल अलग-अलग जोड़ा जाता था। अब एक साथ जोड़कर हर स्लैब पर मिलने वाली छूट को गवर्नमेंट सब्सिडी के तौर पर बिल में घटाया जाता है। यह बिल में लिखा भी होता है। इसलिए भ्रमित न हों।- चंद्रशेखर अंबेडकर, मीडिया प्रभारी, केस्को