कानपुर देहात। अकबरपुर कस्बा में हाईवे किनारे एक मकान में किराए पर रहने वाले आबकारी निरीक्षक के कमरे से सरकारी रिवाल्वर और सिपाही की राइफल चोरी हो गई। परिवार गांव गया है। बंद घर से चोर 15 हजार नगद और जेवर भी चोरी कर ले गए। मंगलवार को लौटने पर चोरी की जानकारी हुई। एसपी ने पहुंचकर जांच पड़ताल की। डॉग स्क्वायड से भी कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मूल रूप से फतेहपुर जनपद के जाफराबाद निवासी सतीश चंद्र भोगनीपुर तहसील में आबकारी निरीक्षक के पद पर तैनात हैं। वह अकबरपुर कस्बा में हाईवे किनारे बने अमित तिवारी के मकान में किराए पर तीन साल से रह रहे हैं। वर्तमान में पत्नी और बच्चे गांव गए हैं। वह विभाग से आवंटित रिवाल्वर व कांस्टेबल शिवबरन के नाम आवंटित राइफल घर में ही छोड़ गए थे। इधर कुछ दिन से सिपाही इन्हीं के घर पर राइफल रख जाता था। सतीश चंद्र का कहना है कि तीन जुलाई को इलाहाबाद फिर लखनऊ गए थे। मंगलवार को लौटे तो कमरों के ताले टूटे पड़े थे। अंदर गए तो राइफल व रिवाल्वर गायब मिली। साथ ही 15 हजार रुपये व कुछ गहने भी चोर ले गए। सूचना पर एसपी केशव कुमार चौधरी, एएसपी घनश्याम चौरसिया, सीओ अरुण कुमार ने जांच पड़ताल की। साथ ही अकबरपुर पुलिस को घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए।
कोतवाल तुलसीराम पांडेय ने बताया कि चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घर की वीडियोग्राफी कराई गई। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य संकलित किए हैं। खुलासे का प्रयास किया जा रहा है।
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इनसेट :
जिले से स्थानांतरण पर जमा करना होता है शस्त्र
आबकारी विभाग में शस्त्र रखने की अलग व्यवस्था है। विभाग की तरफ से ही आबकारी निरीक्षक के लिए रिवाल्वर व कांस्टेबल के लिए राइफल खरीदी जाती है। जब तक वह जिले में तैनात रहते हैं उनके पास ही ये शस्त्र रहता है। शस्त्र के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित की होती है। जिले से स्थानांतरण होने पर वह विभाग के वरिष्ठ अफसर को शस्त्र सौंपकर चले जाते हैं। यहां पुलिस की तरह व्यवस्था नहीं है कि ड्यूटी से लौटने पर शस्त्र को मालखाने में जमा किया जाए। माती स्थित दफ्तर में शस्त्र जमा करने की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे आबकारी के लोग अपने पास ही शस्त्र रखते हैं। चोरी होने पर उनकी जवाबदेही होती है।
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मकान के एक हिस्से में रहते चौकी इंचार्ज
आबकारी निरीक्षक जिस मकान में रहते हैं उसी के एक हिस्से में रनियां चौकी इंचार्ज अनुराग पांडेय भी किराए पर रहते हैं। उनके बच्चे यहां नहीं हैं इससे वह रनियां चौकी में ही ठहरते हैं। उनका आवागमन मकान में नहीं था। हालांकि चोरों ने चौकी इंचार्ज के हिस्से के कमरों के ताले नहीं तोड़े।
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आबकारी निरीक्षक पर भी हो सकती है कार्रवाई
आबकारी निरीक्षक सतीश चंद्र और कांस्टेबल शिवबरन पर भी कार्रवाई हो सकती है। विभाग के अनुसार प्रथमदृष्टया शस्त्र के रखरखाव में लापरवाही की गई। विभाग इस लापरवाही पर कार्रवाई करने के साथ ही शस्त्रों की कीमत भी कोषागार में जमा करा सकता है।
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चार बजे तक पुलिस करती रही गश्त
मकान के पास ही एक बाइक शोरूम भी है। अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान भी आसपास हैं। कोतवाल ने बताया कि पुलिस लगातार क्षेत्र में गश्त करती रहती है। पिछले दो दिनों से रात में बिजली चले जाने से अंधेरा होने पर समस्या आई। संभवतया अंधेरे का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दे दिया।
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बयान-
एक बंद मकान से आबकारी विभाग के दो शस्त्र चोरी हो गए हैं। प्रथम दृष्टया शस्त्रों के रखरखाव में लापरवाही उजागर हुई है। आबकारी निरीक्षक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटना के खुलासे के निर्देश सीओ अकबरपुर को दिए गए हैं।
-केशव कुमार चौधरी, एसपी