इटावा। औषधि निरीक्षक ने शहर की मेडिकल एजेंसी पर छापा मारा। इस दौरान एजेंसी पर पूर्व में कोडीनयुक्त कफ सिरप बिक्री के साक्ष्य मिले। डीआई फर्म से कोडीनयुक्त कफ सिरप के क्रय-विक्रय के अभिलेख मांगे गए, इमसें वह कुछ कागज नहीं दिखा सके। डीआई ने सत्यापन पूर्ण न होने तक कोडीनयुक्त व नॉरकोटिक्स दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी। साथ ही एजेंसी से कफ सिरप समेत छह दवाओं के नमूने लिए। उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
मंगलवार को ड्रग निरीक्षक नीलेश शर्मा ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगाने के लिए शहर में अभियान चलाया। इस दौरान माधव मेडिकल एजेंसी के यहां छापा मारा गया। मेडिकल एजेंसी पर कोडीनयुक्त कफ सिरप नहीं पाया गया। वहीं, जांच के दौरान एजेंसी पर पूर्व में कोडीनयुक्त कफ सिरफ बिक्री के साक्ष्य मिले। इस मामले में फर्म के प्रोपराइटर संतोष कुमार पांडेय से कोडीनयुक्त कफ सिरप बिक्री के अभिलेख मांगे गए। इसमें डीआई को कफ सिरप के कुछ अभिलेख दिए गए जबकि अन्य बिल नहीं दिखा पाए। इस पर डीआई ने फर्म को अभिलेख न दिखाने तक कोडीनयुक्त व नॉरकोटिक्स दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी। इसके अलावा डीआई ने मेडिकल एजेंसी से कफ सिरप व एंटीबायोटिक दवा के छह नमूने लिए। उन्होंने कहा कि इन नमूनों को लखनऊ प्रयोगशाला में भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।