कानपुर। पीएफ घोटाले मामले में फरार चल रहे मास्टर माइंड सुनील शुक्ला के खिलाफ पुलिस साक्ष्य जुटा रही है। काकादेव पुलिस बुधवार दोपहर फंड ऑफिस पहुंची, जहां पुलिस कर्मियों ने मामले से जुड़े दस्तावेज एकत्र किए।
कर्मचारी भविष्य निधि की प्रवर्तन अधिकारी वंदना पांडेय ने सिंतबर 2022 में काकादेव थाने में ललित गुप्ता और मुकुल चौबे पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि इन लोगों ने फर्जी संविदा कर्मियों को दिखाकर करीब 90 लाख रुपये परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए थे। अब तक 22 लोगों के खिलाफ चार्टशीट दाखिल की गई है। हालांकि पुलिस ने अवनीश दीक्षित के रसूख के कारण कंपनी के निदेशक सुनील शुक्ला का नाम हटा दिया था। अब इस मामले में अवनीश दीक्षित और उनकी पत्नी का नाम बढ़ने के बाद पुलिस ने फिर से मामले के साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए है। डीसीपी सेंट्रल दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि फंड ऑफिस के अधिकारियों से संपर्क कर साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे है।