शहर में पर्यावरणीय चिंताएं तेजी से बढ़ी हैं। वायु, जल, भूमि प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है और जलस्तर घटता जा रहा है। स्थितियां बहुत प्रतिकूल नहीं हुई हैं।
यदि समय रहते पर्यावरण बचाने में पूरा शहर मिलकर सही नीति और दिशा में काम करे तो शहर को फिर से साफ-सुथरा बनाया जा सकता है। जिला प्रशासन स्तर पर तेजी से काम हो रहा है।
शहर को साफ-सुथरा बनाने में आम शहरी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। पर्यावरण को अच्छा बनाने में नए निर्माण मैटेरियल की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। शुक्रवार को ‘अमर उजाला’ और मैक्स ब्लॉक्स की ओर से होटल अनाइचा में पर्यावरण की चौपाल-पर्यावरण बचाओ, देश बचाओ सेमिनार में ये बातें विषय विशेषज्ञों ने कहीं।
इस दौरान पर्यावरण को बचाने के लिए तमाम सुझाव भी सामने आए। विशेषज्ञों ने लोगों के प्रश्नों के जवाब भी दिए। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि शहर प्रदूषण के लिए जाना जा रहा है। ये चिंता का विषय है।
शहर के विस्तार के बाद जितनी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट और सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट की जरूरत है, वेे मौजूदा समय में नहीं हैं। इसे बढ़ाने के लिए सरकार तेजी से प्रयास कर रही है। जल्द ही शहर को कई ट्रीटमेंट प्लांट मिलेंगे। सॉलिड वेस्ट को बेहतर निस्तारण करने के लिए जल्द ही ठोस काम शहर में शुरू होगा।
इस दौरान कटारिया ग्रुप के निदेशक रिषभ जैन, अभिषेक कनौजिया, ईशिका डेवलेपर्स के अमित अग्रवाल, अजय गुप्ता, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के जिलाध्यक्ष जसकरन सिंह, कमलेश यादव, एके शर्मा, केके राजपूत, बीपी सिंह, राकेश गुप्ता, कुंज बिहारी, अनिल गुप्ता, केके गुप्ता, संतोष वर्मा, अनंत कुमार अस्थाना, अशोक गंगवार, प्रभाकर मिश्रा, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, प्रेम गुप्ता, अनिमेष सिंह, मनीष सिंह, डीआरडीए के सहायक अभियंता अखिलेश पांडेय, आईआरएस के ठेकेदार अरविंद अग्निहोत्री, इंजीनियर पंकज श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।