कार्डियोलॉजी में मृतावस्था में लाए गए कई रोगियों में हाई ब्लड प्रेशर की हिस्ट्री नहीं थी। उनके परिजनों का कहना था कि वह ब्लड प्रेशर या हृदय रोग से संबंधित कोई दवा भी नहीं खा रहे थे। अचानक तबियत बिगड़ी और मौत हो गई। इन लोगों को कोरोना हुआ था। लेकिन होम आइसोलेशन में ठीक हो गए। कार्डियोलॉजी के डॉ. अवधेश शर्मा की अगुवाई में हुए शोध में उन लोगों की नसों में कमी मिली थी जिनके कोरोना हुआ था। लेकिन सामान्य तौर पर उनमें कोई लक्षण नहीं था और न ही कोई तकलीफ थी।
इसके साथ ही उन रोगियों को भी हार्ट अटैक की दिक्कत हुई जो धूम्रपान के लती थे। इसके अलावा स्ट्रेस की वजह से भी हार्ट अटैक की दिक्कत बढ़ी थी। सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. उमेश्वर पांडेय ने बताया कि अधिक स्ट्रेस में रहने के कारण युवाओं को भी हार्ट की दिक्कत है।
इन बातों का रखें ध्यान
- बेवजह स्ट्रेस न लें, सकारात्मक सोच रखें।
- छाती पर भारीपन, जबड़े में दर्द हो तो डॉक्टर को दिखाएं।
- ब्लड प्रेशर की दवा नियमित रूप से लेते रहें।
- कोरोना हुआ तो एक बार हार्ट की जांच करा लें।
- ठंड से बचाव रखें।