बाहर से आने वाले ऐसे लोगों की सहायता के लिए कानपुर में एक टीम शुरू से काम कर रही है, जिसके कुछ लोग अभी भी यहां मौजूद हैं। इस मामले की जांच के लिए पिछले दिनों शत्रु संपत्ति संरक्षण संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक शफीकुल्लाह गाजी की ओर से जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को एक पत्र भी दिया गया था। अब इस मामले में जांच तेज हो गई है। इंटेलीजेंस की टीम ने समिति के सदस्यों से भी कई जानकारियां जुटाई हैं। पता चला है कि जल्द ही यह टीम दोबारा आकर उन स्थानों पर भी जाएगी, जहां पर बैठकर शत्रु संपत्तियों को बेचने की रणनीति बनाई जाती थी। इसमें जो लोग शामिल रहे हैं, उनका भी ब्योरा जुटाया जा रहा है।
89 शत्रु संपत्तियों की सूची तैयार
शहर में वर्तमान में जिन शत्रु संपत्तियों का पता चल पाया है, उसकी कुल संख्या 89 है। सबसे ज्यादा 71 संपत्तियां रावतपुर में हैं। इसी तरह बेकनगंज, जाजमऊ, चमनगंज, स्वरूपनगर व आर्यनगर क्षेत्र में हैं।