इटावा/ताखा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद अब इटावा को लिंक एक्सप्रेस वे के जरिए गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी है। प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 90.83 किलोमीटर होगी और इसके निर्माण पर लगभग 7488.74 करोड़ रुपये की लागत आएगी। ताखा तहसील क्षेत्र के दो गांवों की जमीन अधिग्रहण के लिए चिह्नित की गई है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से लेकर नवंबर माह से शुरू होगी। तीन एक्सप्रेसवे का जाल बिछने से जिले के विकास की रफ्तार और तेज होगी।
लिंक एक्सप्रेसवे का काम इटावा जिले के ताखा तहसील क्षेत्र के कुदरैल गांव से शुरू होगा। यह आगरा-लखनऊ और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के जंक्शन से जुड़ेगा। इसके बाद यह कन्नौज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और शाहजहांपुर होते हुए हरदोई जिले के सवाइजपुर गांव तक पहुंचेगा, जहां इसका मिलान गंगा एक्सप्रेसवे से होगा।
इटावा के तीन एक्सप्रेसवे का हब बनने से न केवल यातायात की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। एक्सप्रेसवे नेटवर्क से आसपास के जिलों में निवेशकों को आकर्षित करने का अवसर मिलेगा। छोटे-बड़े उद्योगों की स्थापना से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस लिंक एक्सप्रेसवे का एक बड़ा फायदा पर्यटन क्षेत्र को भी मिलेगा। शाहजहांपुर के आसपास के जिले जैसे बरेली, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और पीलीभीत के पर्यटक इस मार्ग से सीधे बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच सकेंगे। इनमें चित्रकूट, झांसी, बागेश्वर धाम और ओरछा जैसे प्रसिद्ध स्थल शामिल हैं। इससे न केवल पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा। सरकार की मंशा है कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेसवे राज्य के रूप में विकसित किया जाए। आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे के बाद अब इन्हें जोड़ने वाले लिंक मार्गों पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। इटावा के इस लिंक एक्सप्रेसवे को प्रदेश की विकास योजनाओं में मील का पत्थर माना जा रहा है। इटावा का तीन एक्सप्रेसवे से जुड़ना न केवल जिले के लिए गर्व की बात होगी बल्कि यह पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाला कदम साबित होगा। यह पहल इटावा को परिवहन, उद्योग और पर्यटन का मजबूत केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।