ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग साइटों के जरिए लोगों को रातों-रात पैसा दोगुना-तिगुना करने का लालच देकर ठगी करने वाले एक युवक, एक युवती और एक बाल अपचारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी से इकट्ठा किए गए 15 लाख रुपये नकद, चार मोबाइल, डेल लैपटॉप, बैंक चेकबुक, एटीएम कार्ड, दस्तावेज और एक स्कॉर्पियो बरामद हुई है।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया रविवार को सिविल लाइन क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि ऑनलाइन गेमिंग के जरिए ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य काले रंग की स्कॉर्पियो से इटावा हाईवे होते हुए कानपुर की ओर जा रहे हैं। सूचना पर बाइस ख्वाजा तिराहे के पास चेकिंग शुरू की गई। इसी दौरान स्कॉर्पियो को रोककर उसमें सवार तीन लोगों को पकड़ लिया गया। तलाशी में 15 लाख रुपये नकद के अलावा मोबाइल फोन, लैपटॉप, विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, चेकबुक, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट मिले।
पुलिस को ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग साइटों से संबंधित गेम आईडी, पासवर्ड, क्यूआर कोड, ग्राहकों की सूची और करोड़ों रुपये के डिजिटल लेनदेन का डाटा भी मिला। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन प्रसारित कर लोगों को गेमिंग साइटों से जोड़ते थे। व्हाट्सएप और वाटी एप ग्रुप के माध्यम से गेमिंग आईडी-पासवर्ड भेजकर खातों में रकम जमा कराई जाती थी। रकम निकालने की मांग करने पर आईडी ब्लॉक कर दी जाती थी और जमा पैसा हड़प लिया जाता था। पुलिस ने प्रांजल राय निवासी राजीव नगर झांसी को गिरफ्तार किया है। एक युवती और बाल अपचारी की पहचान पुलिस ने गोपनीय रखी है। पुलिस के अनुसार गिरोह के मुख्य सरगना सुमित साहू समेत अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। मामले में सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस टीम को एसएसपी ने 20 हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।