इस पर उसे आयुर्विज्ञान विवि सैफई ले जाया गया। पुलिस को यहीं से सूचना दी गई। शाम को होश में आने के बाद सचिन ने खुद के बोल न पाने की पुलिस से बात कही। इस पर पुलिस ने उससे लिखित में जानकारी देने के लिए कहा।
सचिन ने लिखकर बताया था कि उसकी पत्नी की एक व्यक्ति से दोस्ती है। उससे बात करने को लेकर उसका पत्नी बबली से विवाद होता था। इसी वजह से पत्नी ने उसका गला रेतकर हत्या का प्रयास किया और खुद मौके से भाग गई। इस बिंदु पर पुलिस ने जांच के साथ पत्नी की तलाश शुरू कर दी थी।
रविवार सुबह सचिन ने भाई प्रवेश को वारदात की जानकारी दी। इसके बाद प्रवेश ने सुबह प्रभारी निरीक्षक ऊसराहार बलराम मिश्रा को फोन करके एक बार घर भी जांचने की बात कही। इस पर लगभग साढ़े 10 बजे गांव के चार-पांच लोगों को लेकर प्रभारी निरीक्षक सचिन के घर पहुंचे। पुलिस ने कमरे का ताला तुड़वाया तो कमरे से बदबू आ रही थी। पुलिस ने कमरे में पड़ी चटाई को उठाया तो उसके नीचे बबली का शव पड़ा हुआ था। बबली की आंखें चढ़ी थीं, जीभ बाहर निकली हुई थी। सीओ अतुल प्रधान और फोरेंसिक टीम ने भी जांच करके साक्ष्य जुटाए हैं।
कथावाचक बबली का शव उसके घर के कमरे में चटाई से ढका मिला है। शव लगभग दो दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। प्रथम दृष्टया जांच में पता चला है कि सचिन ने ही बबली की गला दबाकर हत्या की और इसके बाद खुद चाकू मारकर खुद को बचाने के लिए कहानी गढ़ी थी। शव का पोस्टमार्टम कराया है। रिपोर्ट अधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अतुल प्रधान, सीओ भरथना