आजमगढ़ और रामपुर सीटों पर लोकसभा के उपचुनाव के परिणाम पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि मुझे कुछ नहीं कहना है, मैं तो चुप बैठा था। अखिलेश यादव का नाम लिए बगैर प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सबको जनता का जनादेश स्वीकार कर लेना चाहिए। चुनाव प्रचार से दूरी के सवाल पर शिवपाल ने कहा अब मुझे इस पर कुछ नहीं कहना है। सभी देख रहे थे कि मैं शांत बैठा था। वैसे हार की वजह सबको पता है।
पिछड़ते ही धर्मेंद्र के घर पर पसरा सन्नाटा
अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव आजमगढ़ से सपा के प्रत्याशी थे। उनकी जीत के प्रति सैफई और आसपास के सपाई आश्वस्त थे। सुबह मतों की गिनती शुरू होने के साथ ही कार्यकर्ता सैफई में धर्मेंद्र के घर जाकर पिता अभयराम सिंह यादव से मिलने लगे। धर्मेंद्र के आगे रहने की खबर से जश्न की तैयारी भी शुरू कर दी गई। दोपहर बाद भाजपा प्रत्याशी आगे हो गए। जैसे-जैसे वोटों का अंतर बढ़ता गया, वैसे-वैसे कार्यकर्ताओं की संख्या कम होती गई। परिणाम आने तक सन्नाटा छा गया। सपाइयों ने भाजपा पर प्रशासन के बल पर चुनाव जीतने का आरोप लगाया है।