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यूपी: फरियाद लेकर पहुंचे पीड़ित को पुलिस ने भगाया, दरोगा बोला- हम तुम्हारे लिए नहीं बैठे, सांसद ने घेरा थाना

Wed, 07 Apr 2021 02:34 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
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ठेकेदार के साथ पुलिस ने की अभद्रता - फोटो : अमर उजाला
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इटावा में जिला पुलिस को शर्मसार करने वाली एक घटना बुधवार को सामने आई। शहर के सिविल लाइन थाने में केंद्रीय एससी-एसटी आयोग के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया का पत्र लेकर पहुंचे ठेकेदार प्रमोद कुमार को पुलिसकर्मियों ने पीटा और सांसद का पत्र फाड़ दिया।
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ठेकेदार ने थाना प्रभारी रमेश सिंह व उनके सहकर्मियों पर मारपीट, सांसद का पत्र फाड़ने व मोबाइल फोन छीनने का आरोप लगाते हुए सांसद को जानकारी दी। इस पर सांसद ने अपने समर्थकों व भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंचकर करीब ढाई घंटे तक जोरदार नारेबाजी के साथ हंगामा किया।

एसएसपी बृजेश सिंह ने थाने में पहुंचकर पीड़ित ठेकेदार की शिकायत सुनीं और थाना प्रभारी रमेश सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। ऊसराहार थाना क्षेत्र के सरसईनावर गांव निवासी प्रमोद कुमार बिल्डिंग बनाने का ठेका लेते हैं। प्रमोद ने सभासद सचिन वर्मा का पक्का बाग चौराहा के पास स्थित एक मकान के निर्माण का ठेका लिया था।
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प्रमोद के मुताबिक मकान के निर्माण में उनका 17 लाख रुपये से ज्यादा खर्च हुआ, लेकिन सभासद ने 15 लाख रुपये का भुगतान किया। बाकी के दो लाख रुपये देने में वह आनाकानी कर रहे हैं। आरोप है कि बकाया रुपये मांगने पर सभासद ने उनसे बदसलूकी की।

कई बार कहने के बाद भी बकाया रुपयों का भुगतान नहीं किया। इसकी जानकारी उन्होंने सांसद राम शंकर कठेरिया को दी। इस पर सांसद ने थानेदार के नाम पत्र लिखकर दिया। साथ ही कहा कि पुलिस तुम्हारी मदद करेगी।

बकौल प्रमोद बुधवार की सुबह वह इमाम, फिरोज, मुस्तफा समेत कई मजदूरों के साथ अपनी फरियाद लेकर सिविल लाइन थाना पहुंचा। वहां थाना प्रभारी रमेश सिंह को सांसद का पत्र और अपनी तहरीर दी। सांसद का पत्र देखते ही थानेदार भड़क गए।

बोले, हम तुम्हारे लिए यहां नहीं बैठे हैं, भाग जाओ यहां से। उसने सांसद से मोबाइल पर बात करानी की कोशिश की, तो थानेदार ने मोबाइल फोन छीनकर मुंशियाने में फेंक दिया। इसके बाद उसकी और साथ आए मजदूरों की थानेदार व अन्य पुलिसकर्मियों ने पिटाई की।

उन लोगों को थाने से भगा दिया। तब उसने एक मजदूर के मोबाइल से सांसद को पूरा वाकया बताया। इसके बाद दोपहर करीब पौने दो बजे सांसद समर्थकों के साथ थाना पहुंच गए। वहां पहले से मौजूद भाजपाइयों के साथ मिलकर आरोपी थानेदार पर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।

इस दौरान सांसद की मौजूदगी में भाजपाइयों ने थाना का घेराव व नारेबाजी की। इसकी खबर मिलने ही एसएसपी, एसपी सिटी प्रशांत कुमार, एसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह व सीओ सिटी फोर्स के साथ थाना पहुंच गए। एसएसपी ने पीड़ित ठेकेदार, उसके साथ के मजदूरों की बात सुनीं।

सांसद, विधायक व भाजपाइयों की मांग पर आरोपी थाना प्रभारी रमेश सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपे जाने की घोषणा की। इसके बाद सांसद, समर्थकों व पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ थाना से चले गए।
 
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दो विधायक भी पहुंचे
सांसद के थाना में धरना देने की खबर पाकर विधायक सावित्री कठेरिया व सरिता भदौरिया भी वहां पहुंचीं। धरना खत्म होने तक दोनों थाने में मौजूद रहीं। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष अजय धाकरे, प्रशांत राव चौबे, करन सिंह राजपूत, अन्नू गुप्ता, सुबोध तिवारी, संजू जैन, विकास भदौरिया, मनीष यादव पतरे समेत तमाम पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। 

दो घंटे तक नहीं सुनी फरियाद
पुलिस पिटाई का शिकार हुए ठेकेदार प्रमोद का आरोप है कि बुधवार की सुबह 9 बजे वह सांसद का पत्र लेकर थाना पहुंच गया था। 11 बजे तक वह थाने में अर्जी लेकर घूमता रहा, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी।

करीब 11:15 बजे थाना प्रभारी आए और सांसद का पत्र देखकर भड़क गए। उसके व साथ आए मजदूरों के साथ मारपीट शुरू कर दी। सांसद का पत्र व तहरीर भी फाड़ दी। उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया था।
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