कन्नौज। जिला अस्पताल की महिला विंग में संचालित एसएनसीयू वार्ड (सिक एंड न्यू बोर्न केयर यूनिट) की दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। गुरुवार की रात नवजात बच्चों की संख्या 19 पहुंच गई। एक बेड पर दो-दो नवजाताें का इलाज किया गया। स्वस्थ हो चुके कुछ नवजातों को कंगारू वार्ड में शिफ्ट किया गया है। करीब तीन नवजात बच्चों की हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया गया।
एसएनसीयू में रेडियंट वार्मर व फोटो थेरेपी मशीन कम होने से स्टाफ के सामने भी कई तरह की दिक्कतें हैं। स्टाफ को मजबूरी में एक वार्मर पर दो-दो नवजातों का इलाज करना पड़ता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.सुरेश यादव का कहना है कि गंभीर नवजातों को कई बार मजबूरी में भर्ती करना पड़ता है। विकल्प के तौर पर स्वस्थ बच्चों को कंगारू वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। इसके बावजूद संख्या कम नहीं हो पा रही है।
सीएमएस डॉ.यूसी चतुर्वेदी का कहना है कि वार्मर कम होने से दिक्कत है। पड़ोसी जनपद हरदोई के काफी केस आ जाते हैं। गंभीर होने की वजह से इन्हें भी भर्ती करना पड़ता है। शासन से अभी तक एसएनसीयू वार्ड को दस बेड की ही स्वीकृति है। रेडियंट वार्मर व फोटो थेरेपी मशीन खरीदने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी के यहां डिमांड लेटर भेजा गया है। अभी तक धनराशि नहीं मिली है। रुपये मिलते ही खरीद की जाएगी। इसके बाद निदेशालय से बेडों की संख्या बढ़ाने के लिए अनुमति मांगी जाएगी।