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अब तो शादी के नाम से डर लगता है: आठ साल की प्रताड़ना के बाद पति से तलाक लेने वाली इंजीनियर उर्वी का छलका दर्द

Tue, 30 Apr 2024 11:14 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर में तलाक के बाद ढोल बजाते हुए पिता बेटी को मायके लेकर आ गया। आठ फरवरी को पति से तलाक लेने के बाद इंजीनियर उर्वी रविवार को चकेरी के विमाननगर अपनी ससुराल के गेट पर शादी की चुनरी बांधकर निराला नगर अपने मायके पहुंचीं।
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उर्वी की घर वापसी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ससुराल वालों की प्रताड़ना के चलते तलाक लेने के बाद पिता के घर पहुंची इंजीनियर उर्वी को अब शादी नाम से डर लगता है। कहती हैं कि जो मैंने आठ साल झेला, भगवान न करे कोई और बेटी ऐसे दुख से गुजरे। शादी के बाद पति व ससुराल वालों ने तो मेरे ख्वाब ही तोड़ दिए। उसका ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपने व बेटी के भविष्य पर केंद्रित है।
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आठ फरवरी को पति से तलाक लेने के बाद रविवार को चकेरी के विमाननगर अपनी ससुराल के गेट पर शादी की चुनरी बांधकर निराला नगर अपने मायके पहुंचीं। इसके बाद देर रात ही पांच साल की बेटी राव्या को लेकर दिल्ली चली गईं। वे पालम एयरपोर्ट में नौकरी करती हैं।
बेटी की 'घर वापसी': ससुराल में घुट-घुटकर जी रही थी, धूमधाम से पिता ले गया मायके
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फोन पर उन्होंने बताया कि मेहनत कर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। दिल्ली में अच्छी नौकरी भी लग गई। पिता ने शादी तय की तो सोचा था कि ससुराल में भी वही प्यार-दुलार मिलेगा। ससुराल पहुंचने के कुछ दिन बाद ही समझ आ गया कि उसके सपने टूट गए।
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बेटी तैयार हुई तो दूसरी शादी करेंगे
बीएसएनएल से रिटायर्ड उर्वी के पिता अनिल कुमार सविता का कहना है कि बेटी व नातिन की देखभाल करेंगे लेकिन जीवन में आगे बढ़ने के लिए शादी भी जरूरी है। अभी उर्वी इस दुख को भुला नहीं सकी है। भविष्य में जब वह तैयार होगी, तो उसकी दूसरी शादी करेंगे, लेकिन इस बार वह गलती नहीं करेंगे जैसी पहले की थी। उसी लड़के से बेटी का विवाह करेंगे जो नातिन को भी अपनाए।

खुद को आत्मनिर्भर बनाएं, लेकिन उसका गलत फायदा उठाकर पति या ससुराल पर हावी न हों। अगर आप आत्मनिर्भर होंगे तो जिंदगी में बोल्ड फैसला ले सकेंगी और किसी के दबाव में नहीं आएंगी। मुझे तलाक का फैसला लेने में आठ साल लगे क्योंकि मैं किसी भी हाल में परिवार बचाना चाहती थी। आत्मनिर्भर बनना कोई कठिन काम नहीं है। बस अपनी पढ़ाई पर फोकस करें।- उर्वी

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