पूछताछ में लव ने बताया कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उसने गोपाल शेट्टी के लिए सॉफ्टवेयर डिजाइन किया था, जो ईगल इंटरप्राइजेज नाम से मुंबई में कंपनी चलाता है। सॉफ्टवेयर को गो-डैडी डॉट काम से डोमेन लेकर गोपाल शेट्टी को 16 लाख रुपये में बेच दिया था। एसटीएफ के मुताबिक गोपाल शेट्टी ने उस सॉफ्टवेयर के माध्यम से लिंकदेकर काफी संख्या में अवैध ऑनलाइन लॉटरी के वेंडर तैयार किए। बाद में इनके जरिये महाराष्ट्र व मुंबई में सैकड़ों लोगों से धोखाधड़ी करके करोड़ों की ठगी की। लव गुप्ता साफ्टवेयर को डिजाइन करने के साथ-साथ उसका मेंटेनेंस भी करता था।
इसके बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था। मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपी को बिठूर थाने में रखा है। अदालत में ट्रांजिट रिमांड के लिए कार्रवाई शुरू की गई है ताकि उसे मुंबई ले जाया जा सके।
कोरोना काल में बनाया था साफ्टवेयर
लव ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। कोरोना काल के दौरान वह वर्क फ्रॉम होम पर घर आया हुआ था। इस बीच गोपाल शेट्टी ने उसे कॉल कर एक सॉफ्टवेयर बनाने के लिए कहा था। जिसके एवज में उसने शेट्टी से 16 लाख रुपये लिए थे।